सालबोनी जमीन केस में सीआईडी का बड़ा एक्शन, अभिषेक बनर्जी के पर्सनल सेक्रेटरी गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट ने पहले गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी
- सुमित रॉय को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया था
- उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के 3 अगस्त के फैसले को चुनौती दी थी
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल सेक्रेटरी सुमित रॉय को सालबोनी जमीन मामले में सीआईडी ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट से उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के तुरंत बाद जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की। सुमित रॉय की गिरफ्तारी उनके अपने घर से नहीं, बल्कि अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास से हुई।
मेदिनीपुर अदालत में पेशी की संभावना
सालबोनी जमीन मामले में सुमित रॉय की गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई के बाद हुई है। इससे पहले शीर्ष अदालत ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। हालांकि, बुधवार की सुनवाई के बाद उन्हें अग्रिम जमानत नहीं मिली और इसके अगले दिन सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सुमित रॉय ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 3 अगस्त के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। शीर्ष अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद अब उन्हें शुक्रवार सुबह मेदिनीपुर अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
सालबोनी जमीन मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जांच से संबंधित वित्तीय लेनदेन का मुद्दा अदालत के सामने रखा।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सुमित रॉय के बैंक खाते में बड़ी मात्रा में नकद रकम जमा होने की जानकारी मिली है। तुषार मेहता ने करीब 71 लाख रुपये की नकद जमा का विशेष तौर पर उल्लेख किया। उनका कहना था कि यह रकम जांच में सामने आए वित्तीय लेनदेन का सिर्फ एक हिस्सा हो सकती है।
राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि जांच में सामने आई कुल जमा रकम करीब 15 करोड़ रुपये तक पहुंचती है और इसमें बड़ी संख्या में लेनदेन शामिल हैं।
सुमित रॉय के वकील ने क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान सुमित रॉय की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने अग्रिम जमानत देने के पक्ष में दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि यह चार्जशीट दूसरे आरोपी के खिलाफ दाखिल हुई है और सुमित रॉय से संबंधित जांच अभी जारी है।
रॉय के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल से पहले ही विस्तार से पूछताछ हो चुकी है और पूरी पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। उनका कहना था कि सुमित रॉय ने जांचकर्ताओं के सभी सवालों के जवाब दिए और जांच में सहयोग किया।
वकील ने यह आरोप भी लगाया कि पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं का ध्यान कथित अपराध से जुड़े सवालों की तुलना में सुमित रॉय के परिवार, तृणमूल कांग्रेस के कामकाज, भर्ती प्रक्रिया और पार्टी की फंडिंग से संबंधित मुद्दों पर अधिक रहा।
क्या है सालबोनी जमीन मामला?
सालबोनी जमीन मामला पश्चिम बंगाल के सालबोनी में कथित जमीन हड़पने और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच से संबंधित है। सीआईडी इस मामले में जमीन सौदों और उनसे जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
जांच के दौरान सुमित रॉय के बैंक खातों में हुई कथित नकद जमा और अन्य लेनदेन भी जांच एजेंसी के दायरे में आए हैं। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से रखी गई दलीलों के अनुसार, जांच में सामने आए लेनदेन की रकम काफी बड़ी है।
वहीं, सुमित रॉय की तरफ से उनके वकील ने गिरफ्तारी की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं और उनसे पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।
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