पुतिन डील के लिए तैयार, ट्रंप ने बताया कौन बन रहा रूस-यूक्रेन शांति में रोड़ा

HIGHLIGHTS
- ट्रंप ने पुतिन से फोन पर हुई बातचीत को ‘बहुत अच्छी’ बताया
- अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत फिर शुरू कराने की कोशिश में जुटा है
- विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मॉस्को और कीव में नेताओं से मुलाकात की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर हुई बातचीत को ‘बहुत अच्छी’ बताया है। ट्रंप के मुताबिक, पुतिन यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की भी डील के लिए तैयार हैं तो यह अच्छी बात होगी। ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की के बीच दुश्मनी को युद्ध को लेकर बातचीत में बड़ी रुकावट बताया है।
ट्रंप ने अड़चन के लिए किसे बताया जिम्मेदार?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'अड़चन दो लोग हैं, जो एक-दूसरे से नफरत करते हैं।' उनका इशारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की ओर था। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत फिर शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, ताजा रिपोर्टों के मुताबिक अभी दोनों पक्ष किसी अंतिम समझौते पर सहमत नहीं हुए हैं।
अमेरिकी दूत मॉस्को और कीव पहुंचे, फिर भी क्यों नहीं बनी बात?
हाल ही में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर ने पहले मॉस्को में पुतिन से मुलाकात की। इसके बाद दोनों ने कीव पहुंचकर जेलेंस्की से बातचीत की। इन मुलाकातों का मकसद रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को दोबारा शुरू कराना था। दोनों बैठकों को सकारात्मक और रचनात्मक बताया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस सफलता सामने नहीं आई।
सबसे बड़ी अड़चन क्या है?
रूस और यूक्रेन के बीच विवाद का एक बड़ा मुद्दा उन इलाकों का भविष्य है, जिन पर रूस का कब्जा है। रूस डोनेट्स्क के बचे हुए हिस्से समेत अपनी क्षेत्रीय मांगों पर कायम है। वहीं, जेलेंस्की मौजूदा यूक्रेनी नियंत्रण वाले क्षेत्रों को रूस को सौंपने के खिलाफ हैं। इसी वजह से बातचीत दोबारा शुरू करने की कोशिशों के बावजूद समझौते तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं दिख रहा है।
कूटनीतिक स्तर पर शांति की कोशिशों के बीच जमीन पर लड़ाई और हवाई हमले भी जारी हैं। हाल के रूसी हमलों में कीव समेत यूक्रेन के कई इलाकों को निशाना बनाया गया है। दूसरी ओर यूक्रेन भी रूस के भीतर लंबी दूरी के ड्रोन हमले कर रहा है। यानी एक तरफ बातचीत की मेज पर शांति के प्रयास चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मोर्चे पर युद्ध अभी जारी है।
क्या जल्द युद्ध खत्म होने की उम्मीद है?
फिलहाल इसे लेकर कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। अमेरिका बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और रूस ने भी वार्ता दोबारा शुरू करने की इच्छा जताई है। हालांकि, दोनों पक्षों की मांगों के बीच अभी बड़ा अंतर बना हुआ है। ऐसे में ट्रंप का ‘डील’ वाला दावा अहम जरूर है, लेकिन इसे फिलहाल शांति समझौता हो जाने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
ईरानी टैंकरों पर हमलों को लेकर क्या बोले ट्रंप?
ईरान से जुड़े टैंकरों पर हुए हमलों को लेकर भी ट्रंप ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के नौ जहाजों को निशाना बनाया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ये हमले अमेरिका की ओर से किए गए हैं और आने वाले समय में ऐसे और हमले हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि परमाणु मुद्दा बातचीत का हिस्सा जरूर रहेगा, लेकिन इसके अलावा भी कई अन्य मुद्दे चर्चा में होंगे। ट्रंप के मुताबिक, इनमें कुछ ऐसे विषय भी हैं जो तीन महीने पहले बातचीत की मेज पर नहीं थे।
ट्रंप ने कहा, 'मैं सिर्फ परमाणु समझौते से कहीं ज्यादा कर रहा हूं। परमाणु मुद्दे से बहुत कुछ ज्यादा है। परमाणु समझौता होगा, यह 99.9 है, लेकिन मेज पर कई दूसरी चीजें भी होंगी, जो तीन महीने पहले मेज पर नहीं थीं।'
चुनाव और युद्ध को लेकर ट्रंप का क्या दावा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि चुनाव के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश में बेताब हैं, ताकि वहां अच्छे और कमजोर लोगों का समूह आ जाए और उन्हें अकेला छोड़ दे और उन्हें अपना परमाणु हथियार रखने दिया जाए।
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