मारुति सुजुकी ने फिर बढ़ाए कारों के दाम, सितंबर से चुनिंदा मॉडल होंगे महंगे

HIGHLIGHTS
- कंपनी ने सितंबर से कीमतों में बदलाव की जानकारी दी है।
- इस साल जून और अगस्त में भी दाम बढ़ाए जा चुके हैं।
- जून में अधिकतम 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी।
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने एक बार फिर अपनी कुछ कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि सितंबर से चुनिंदा मॉडलों के दाम अधिकतम 20,000 रुपये तक बढ़ाए जाएंगे। इस साल यह कंपनी की तीसरी कीमत बढ़ोतरी है।
इस बार कीमतों में इजाफा मारुति सुजुकी की पूरी यात्री वाहन श्रृंखला पर लागू नहीं होगा। कंपनी केवल कुछ चुनिंदा मॉडलों के दाम बढ़ाएगी। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देश में त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है और इस दौरान आमतौर पर कारों की मांग बढ़ जाती है।
इस साल मारुति सुजुकी ने कितनी बार बढ़ाए कारों के दाम?
- सितंबर की बढ़ोतरी से पहले मारुति सुजुकी इस साल दो बार कारों की कीमतें बढ़ा चुकी है।
- कंपनी ने पहली बार जून से कीमतों में 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया था। इसके बाद अगस्त से भी 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई। अगस्त में हुई बढ़ोतरी कंपनी की पूरी यात्री वाहन श्रृंखला पर लागू थी। हालांकि, अलग-अलग मॉडलों के लिए बढ़ोतरी की राशि अलग-अलग थी।
- उस समय मारुति सुजुकी ऑल्टो K10, एस-प्रेसो, सेलेरियो, वैगनआर, स्विफ्ट, डिजायर, बलेनो, फ्रोंक्स, ब्रेजा, अर्टिगा, ग्रैंड विटारा, जिम्नी, इनविक्टो और विक्टोरिस जैसे मॉडल शामिल थे।
- अब सितंबर में होने वाली तीसरी बढ़ोतरी के लिए अधिकतम सीमा 20,000 रुपये तय की गई है। हालांकि, यह सिर्फ चुनिंदा मॉडलों पर लागू होगी।
Maruti Suzuki ने फिर क्यों बढ़ाए दाम?
कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी की वजह लगातार बने महंगाई के दबाव और बढ़ती उत्पादन लागत को बताया है।
मारुति सुजुकी पहले भी कह चुकी है कि उत्पादन लागत में हुई बढ़ोतरी के एक बड़े हिस्से को वह अपने स्तर पर लागत कम करने के उपायों के जरिए संभाल रही है। हालांकि, कच्चे माल और उत्पादन से जुड़ी अन्य लागत ऊंची बनी रहने के चलते कंपनी को अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है।
कंपनी ने वैश्विक व्यापार मार्गों और ऊर्जा बाजारों में आई बाधाओं का भी उल्लेख किया था। मध्य-पूर्व में फिर शुरू हुए संघर्ष के बाद प्रमुख कच्चे माल और वाहन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य इनपुट की लागत बढ़ी है।
क्या सितंबर की बढ़ोतरी मारुति की सभी कारों पर लागू होगी?
नहीं। अगस्त की तरह इस बार कंपनी ने पूरी यात्री वाहन श्रृंखला की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान नहीं किया है।
सितंबर की कीमत बढ़ोतरी कुछ चुनिंदा मॉडलों तक ही सीमित रहेगी और अधिकतम वृद्धि ₹20,000 होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हर मॉडल पर होने वाली वास्तविक बढ़ोतरी की राशि स्पष्ट नहीं की गई है।
ऐसे में कार खरीदने वाले ग्राहकों को बुकिंग से पहले अपने पसंदीदा मॉडल की नई कीमत की पुष्टि करनी होगी।
त्योहारी सीजन में ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
सितंबर में कीमत बढ़ाने का फैसला ऐसे समय हुआ है जब भारतीय कार बाजार त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहा है। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के दौरान आमतौर पर कारों की खरीदारी में तेजी आती है।
ऐसे में जिन ग्राहकों ने कार खरीदने का फैसला टाल रखा है, उन्हें अब अपने चुने हुए मॉडल के लिए साल की शुरुआत के मुकाबले ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
हालांकि, इस बार कीमतों में बढ़ोतरी केवल चुनिंदा मॉडलों तक सीमित है, इसलिए इसका असर सभी ग्राहकों पर एक जैसा नहीं होगा।
क्या दूसरी कंपनियां भी बढ़ा रही हैं कारों की कीमतें?
मारुति सुजुकी अकेली कंपनी नहीं है, जो बढ़ती लागत का सामना कर रही है। इस साल टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (Tata Motors Passenger Vehicles) ने दो बार कीमतों में बढ़ोतरी की है। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) और ह्यूंदै मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) ने एक-एक बार कीमतें बढ़ाई हैं।
फिलहाल वाहन उद्योग के सामने बड़ी चुनौती कच्चे माल, परिवहन और उत्पादन की बढ़ती लागत को संभालने की है। दूसरी ओर, भारतीय बाजार में ग्राहक कीमतों को लेकर काफी संवेदनशील हैं।
ग्राहकों को कार खरीदने से पहले क्या देखना चाहिए?
मारुति सुजुकी की सितंबर वाली कीमत बढ़ोतरी केवल कुछ मॉडलों पर लागू होगी। इसलिए कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे अपने पसंदीदा मॉडल और चुने गए वेरिएंट की संशोधित कीमत की पुष्टि करें।
इसके अलावा, केवल कीमत बढ़ने को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अंतिम ऑन-रोड कीमत, उपलब्ध छूट और अन्य खरीद लाभों को ध्यान में रखना बेहतर होगा।
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