मेरठ: सेंट्रल मार्केट में दुकानों पर लगे बिकाऊ के बैनर, लोकेश खुराना के खिलाफ दी तहरीर

मेरठ: सेंट्रल मार्केट का स्वरूप अब बदलता हुआ नजर आने लगा है। कई व्यापारियों ने अपने दुकानों के बाहर लगे अतिक्रमण हटा दिए हैं और छज्जों को भी ध्वस्त किया है। कुछ दुकानदारों ने घरों में बनी दुकानों के शटर हटा दिए और उनमें दरवाजे लगवाए जा रहे हैं, जबकि कुछ दुकानों को पूरी तरह से दीवार लगाकर बंद कर दिया गया है। साथ ही कई दुकानों पर “बिकाऊ” के पोस्टर और बैनर भी लगाए गए हैं।
व्यापारी थानों में दर्ज करवा रहे तहरीर
इस बीच, बाजार से जुड़े व्यापारियों ने तीन थानों में आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए तहरीर दी। थाना नौचंदी में 32, थाना मेडिकल में 20 और सिविल लाइंस थाने में 15 लोगों ने तहरीर सौंपा। लोकेश खुराना ने नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट में आपत्ति पत्र भी दाखिल किया है। उनका कहना है कि सेंट्रल मार्केट सहित आवास विकास परिषद के तहत सभी कॉलोनियों में उपयोग परिवर्तनीय अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नियमितीकरण नहीं होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बाजार की स्थिति बदल रही है
सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद बाजार की हालत बदल गई है। पहले यहां ऊंची इमारतों में स्थित नामी ब्रांड्स के शोरूम लोगों को आकर्षित करते थे और शाम के समय बाजार में इतनी भीड़ होती थी कि दुपहिया वाहन से निकलना मुश्किल हो जाता था। अब शोरूम के बोर्ड और लाइटें हटने लगी हैं, कुछ दुकानदार बाजार से भी शिफ्ट हो रहे हैं।
व्यापारी पुनर्स्थापना की मांग कर रहे
पूर्व पार्षद और व्यापारी नेता सतीश गर्ग का कहना है कि सेंट्रल मार्केट के सेक्टर दो और तीन में ईडब्ल्यूएस और लघु आय वर्ग के छोटे दुकानदार डर में हैं। उनका कहना है कि ध्वस्तीकरण और दुकानों के बंद होने से उनका कारोबार खत्म हो सकता है। वे मांग कर रहे हैं कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)जी के तहत विस्थापित व्यापारियों को पुनर्स्थापित किया जाए।
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