मुजफ्फरनगर: जनकपुरी में दो मकानों की खरीद पर विवाद, प्रशासन ने खाली कराकर लगाई सील

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर के जनकपुरी मोहल्ले में दो मकानों की बिक्री को लेकर विवाद की स्थिति बनी।
- हिंदू संघर्ष समिति ने मोहल्ले में पंचायत कर दोनों मकानों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया।
- पुलिस और प्रशासन ने जांच के बाद दोनों मकानों को खाली कराकर उन पर सील लगा दी।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हिंदू बहुल मोहल्ला जनकपुरी में दो मकानों को मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा खरीदे जाने के बाद विवाद की स्थिति बन गई। हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को मोहल्ले में पहुंचकर क्षेत्रवासियों के साथ पंचायत की। इसके बाद दोनों मकानों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
बताया गया कि दोनों मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए थे। मौके पर पहुंची पुलिस और नायब तहसीलदार सदर हरेंद्र सिंह ने दोनों मकानों को खाली कराया और उन पर सील लगा दी।
दो माह पहले हुई थी मकानों की बिक्री
जनकपुरी गली नंबर तीन की बंद गली में हिंदू समाज के दो लोगों ने करीब दो माह पहले अपने मकान मुस्लिम समाज के लोगों को बेच दिए थे। उस समय मोहल्ले के लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी थी। आरोप है कि दोनों मकानों में मुस्लिम समाज के दो परिवार आकर रहने लगे।
शाम के समय जब 10-15 युवक कुर्सियां लगाकर वहां बैठने लगे, तब मोहल्ले के लोगों को मकान बिक्री की जानकारी हुई। इसके बाद क्षेत्रवासियों ने मामले की शिकायत डीएम कार्यालय में की।
कार्रवाई नहीं होने पर समिति से किया संपर्क
मोहल्लावासियों का कहना है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार से संपर्क किया। इसके बाद बुधवार दोपहर समिति के कार्यकर्ता जनकपुरी पहुंचे और मोहल्ले के लोगों के साथ पंचायत की। इस दौरान दोनों मकानों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
मौके पर सिविल लाइन थाना पुलिस, नायब तहसीलदार सदर और अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मिश्रा पहुंचे। जांच के दौरान सामने आया कि एक मकान रामकुमार से महमूद नगर निवासी आदिल ने 19 लाख रुपये में खरीदना तय किया था। इसमें से 14 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि पांच लाख रुपये बाकी थे। आदिल अपनी पत्नी के साथ इस मकान में पिछले दो माह से रह रहा था।
वहीं, दूसरे मकान को महमूद नगर निवासी जीशान ने रामपुरी निवासी मनीष से 22 लाख रुपये में खरीदा था, जिसका पूरा भुगतान किया जा चुका था।
जांच के बाद मकान खाली कराकर लगाई सील
अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच की। इसके बाद नायब तहसीलदार ने दोनों मकानों को खाली कराया और उन पर सील लगा दी। इस दौरान सभासद सलेक चंद, हिंदू संघर्ष समिति के कार्यकर्ता रक्षित नामदेव, आशीष पाल, हन्नी पाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नायब तहसीलदार का बयान
नायब तहसीलदार सदर हरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए हैं। दोनों को खाली करा दिया गया है। मकानों में रहने वाले परिवार अपना सामान लेकर चले गए हैं।
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