तरंग शक्ति 2026 का नया वीडियो जारी, एक फॉर्मेशन में उड़ते दिखे कई देशों के विमान

HIGHLIGHTS
- तरंग शक्ति 2026 का आयोजन राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर हो रहा है।
- बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा।
- अभ्यास की थीम 'पावर इन पार्टनरशिप' रखी गई है।
भारतीय वायुसेना ने एक्सरसाइज तरंग शक्ति 2026 का नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में अभ्यास में हिस्सा ले रहे अलग-अलग देशों के विमान एक साथ उड़ान भरते नजर आ रहे हैं। सभी विमान एक साझा फॉर्मेशन में दिखाई दे रहे हैं।
आसमान में बना यह फॉर्मेशन बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास की पूरी तस्वीर पेश करता है। भारतीय वायुसेना ने इसे विश्वास, सटीकता और आपसी सौहार्द का शक्तिशाली प्रदर्शन बताया है। यानी वीडियो में विभिन्न देशों के विमान सिर्फ एक साथ उड़ते नहीं दिख रहे, बल्कि तय तालमेल के साथ संचालन करते नजर आ रहे हैं।
कितना बड़ा है तरंग शक्ति 2026?
तरंग शक्ति 2026 भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है, जिसका आयोजन राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर किया जा रहा है। यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा। इसका विषय 'पावर इन पार्टनरशिप' यानी 'साझेदारी में शक्ति' रखा गया है।
इस अभ्यास में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं। इसके अलावा कई अन्य मित्र देश पर्यवेक्षक के तौर पर भी जुड़े हैं।
अलग-अलग देशों के विमानों को एक ही हवाई क्षेत्र में एक साथ उड़ाने के लिए व्यापक तैयारी की जरूरत होती है। हर देश के विमान, एयरक्रू और संचालन से जुड़ी अपनी प्रक्रियाएं होती हैं। तरंग शक्ति का उद्देश्य इन्हीं अलग-अलग प्रक्रियाओं के बीच तालमेल को बेहतर करना है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अभ्यास में एयरक्रू के अलावा मिशन प्लानर और ऑपरेशनल सपोर्ट से जुड़े कर्मचारी भी एक-दूसरे के साथ काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें दूसरे देशों की कार्यप्रणाली को समझने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिल रहा है।
कौन-कौन से विमान अभ्यास में शामिल?
इस बार तरंग शक्ति में लड़ाकू विमानों के अलावा परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी शामिल हैं। विदेशी विमानों में F-35 लाइटनिंग II, राफेल, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A शामिल हैं।
अमेरिकी F-35A लाइटनिंग II की भागीदारी इस अभ्यास में खास चर्चा में रही है। भारत में किसी अभ्यास में F-35 की यह पहली भागीदारी है। भारतीय और अमेरिकी विमानों के साथ अन्य देशों के विमान भी संयुक्त प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे हैं।
तरंग शक्ति में जर्मनी का A400M क्या कर रहा है?
जर्मनी इस अभ्यास में अपने A400M सैन्य परिवहन विमान के साथ शामिल हुआ है। जर्मन वायुसेना के कैप्टन मॉरिस बर्न्स के मुताबिक, इस बार A400M को बड़े लड़ाकू विमान अभियानों में भी शामिल किया जा रहा है। इसे लार्ज फोर्स एंगेजमेंट कहा जाता है।
इसका मतलब है कि A400M केवल सामान या सैनिकों को ले जाने वाले विमान के तौर पर अलग नहीं उड़ रहा, बल्कि बड़े लड़ाकू विमान अभ्यास का हिस्सा भी बनाया गया है।
कैप्टन मॉरिस बर्न्स ने A400M को जर्मन वायुसेना के राष्ट्रीय बेड़े की रीढ़ बताया है। उनके मुताबिक, यह भारी मालवाहक विमान है, जो सामरिक और लॉजिस्टिक दोनों तरह के मिशन को अंजाम दे सकता है।
भारत से क्या सीख रहा है जर्मनी?
कैप्टन बर्न्स के अनुसार, भारत में उड़ान भरना जर्मन वायुसेना के लिए सीखने का अच्छा अनुभव रहा है। उन्होंने बताया कि जर्मन दल को भारतीय वायुसेना की योजना बनाने की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला है।
बड़े हवाई अभ्यासों के दौरान किस तरह काम किया जाता है, इसका भी जर्मन दल को अनुभव मिला। उनके मुताबिक, तरंग शक्ति के जरिए भारतीय और जर्मन लड़ाकू विमानों तथा परिवहन विमानों के बीच तालमेल बढ़ा है।
यही इस अभ्यास के अहम उद्देश्यों में शामिल है कि अलग-अलग वायुसेनाएं एक साथ काम करें, एक-दूसरे की क्षमताओं को समझें और संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल स्थापित कर सकें।
सिर्फ विमानों की उड़ान तक सीमित नहीं है अभ्यास
तरंग शक्ति 2026 का दायरा केवल विमानों की उड़ान तक सीमित नहीं है। संयुक्त प्रशिक्षण के साथ हवाई सुरक्षा और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझना भी अभ्यास का हिस्सा है।
अभ्यास के दौरान पेशेवर बातचीत के अलावा सेमिनार, औद्योगिक दौरा, सेखों मैराथन, विरासत स्थलों का दौरा और योग सत्र जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। 2026 का यह संस्करण उसी सिलसिले को आगे बढ़ा रहा है।
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