राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर नृपेंद्र मिश्र सख्त, बोले- यह एक कलंक; व्यवस्थाओं में होगा सुधार

HIGHLIGHTS
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर नृपेंद्र मिश्र ने जताई नाराजगी, घटना को बताया “कलंक” और भविष्य में रोकथाम के लिए सुधार की बात कही।
- राम मंदिर के नए CEO की नियुक्ति के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित, अंतिम फैसला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट करेगा।
- राम मंदिर परिसर के बाकी निर्माण कार्य 20 जुलाई तक पूरे होने की उम्मीद, गुणवत्ता और समयसीमा पर लगातार निगरानी जारी।
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे एक “कलंक” करार दिया है। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, ऐसे में इस तरह की घटना सभी के लिए पीड़ा और चिंता का विषय है।
नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि घटना के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी और जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की गरिमा को बनाए रखने के लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।
CEO नियुक्ति पर जल्द होगा फैसला
शनिवार को अयोध्या में मीडिया से बातचीत के दौरान नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस संबंध में अंतिम निर्णय लेगा।
उन्होंने बताया कि शनिवार को होने वाली बैठक का एजेंडा केवल मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना है। इस बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारी शामिल नहीं होंगे, बल्कि निर्माण से जुड़ी एजेंसियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बाकी कार्यों की स्थिति पर चर्चा की जाएगी।
20 जुलाई तक पूरे होंगे बाकी निर्माण कार्य
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को राम मंदिर परिसर का दौरा कर निर्माण कार्यों का जायजा लिया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिसर में बचे हुए सभी निर्माण कार्य 20 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता और तय समयसीमा को पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। मंदिर परिसर से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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