यूजीसी नियमों पर ओमप्रकाश राजभर का बयान, सुप्रीम कोर्ट जाने की खुली छूट

वाराणसी। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को वाराणसी दौरे के दौरान यूजीसी नियमों को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को नियमावली में कोई खामी नजर आती है तो वह सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है, अदालत के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के साथ भेदभाव होता है और उनकी सरकार इसके खिलाफ संघर्ष करेगी।
पंचायत चुनाव की तैयारियों का दावा
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि मतपत्रों की छपाई पूरी हो चुकी है और वे जिलों में भेजे जा चुके हैं।
शंकराचार्य के बयानों पर प्रतिक्रिया
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के हालिया बयानों पर राजभर ने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी के व्यक्तिगत बयान से व्यवस्था नहीं बदल सकती। गौमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा देने संबंधी मांग पर उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रस्ताव जब कैबिनेट में आएगा, तभी उस पर विचार किया जाएगा।
राजभर समाज और राजनीतिक बयानबाज़ी
सुहेलदेव की जयंती के मौके पर अनिल राजभर द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अगर कोई वोट बेचने की बात करता है तो उसे सबूत देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज जो लोग सवाल उठा रहे हैं, वे पहले खुद गलत कामों में लिप्त थे। राजभर समाज के नेतृत्व पर उन्होंने दावा किया कि बीते 23 वर्षों में जो काम उन्होंने किया है, वैसा कोई और नहीं कर पाया।
सपा और पीडीए नारे पर कटाक्ष
राजभर ने समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ नारे पर तंज कसते हुए कहा कि इसका मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ है। वहीं, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे और शंकराचार्य से मिलने के मुद्दे पर उन्होंने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया। अंत में राजभर ने कहा कि वे अपनी बात बेझिझक और मजबूती से रखते हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.