ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीद जवानों की जानकारी पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी थी: रक्षा मंत्रालय

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैनिकों को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच रक्षा मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने कहा है कि यह दावा पूरी तरह गलत है कि इन जवानों की शहादत को पहली बार हाल ही में सार्वजनिक किया गया या अब जाकर आधिकारिक मान्यता दी गई है।
मंत्रालय के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह जवानों को पहले ही श्रद्धांजलि दी जा चुकी थी और उनकी शहादत से जुड़ी जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक की गई थी।
मंत्रालय ने बताया कब दी गई थी जानकारी
रक्षा मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि 11 मई 2025 को आयोजित आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान तत्कालीन महानिदेशक सैन्य संचालन (DGMO) ने इन सभी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इसके बाद अगस्त 2025 में उन्हें प्रदान किए गए वीरता पुरस्कारों की जानकारी भी सार्वजनिक की गई थी।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी समय-समय पर इन वीर सैनिकों के बलिदान को सम्मानपूर्वक याद किया गया।
नेशनल वॉर मेमोरियल पर नाम दर्ज करने की प्रक्रिया तय
रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों के नाम दर्ज करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसका इस मामले में भी पूरी तरह पालन किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि इस विषय पर भ्रामक जानकारी फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोगों से अपुष्ट तथ्यों को साझा करने से बचने की अपील की।
विपक्ष के आरोपों के बाद आया बयान
मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के उस आरोप के बाद आई है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैनिकों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए भाषण का एक वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया था कि क्या उस समय सरकार को इन शहादतों की जानकारी नहीं थी या संसद को गुमराह किया गया।
रक्षा मंत्री के बयान को संदर्भ से जोड़कर देखने की अपील
रक्षा मंत्रालय ने किसी नेता का नाम लिए बिना कहा कि सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री के संसद में दिए गए भाषण के एक छोटे हिस्से को अलग संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, इससे यह गलत धारणा बनाई गई कि रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक के शहीद न होने का दावा किया था।
बयान में कहा गया कि रक्षा मंत्री की टिप्पणी उस समय फैल रही एक अलग भ्रामक सूचना के संदर्भ में थी, जिसमें दावा किया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलट लापता हो गए थे।
'झूठे दावों का जवाब था बयान'
मंत्रालय के मुताबिक, उस समय कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर भारतीय पायलटों के लापता होने का दावा तेजी से फैलाया जा रहा था, जबकि यह पूरी तरह निराधार था। रक्षा मंत्री का बयान इसी गलत सूचना का जवाब था और उसे पूरे संदर्भ से अलग करके पेश करना उचित नहीं है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऐसे भ्रामक दावे ऑपरेशन की सफलता को कमतर दिखाने और जनता का मनोबल प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। इसलिए किसी भी बयान को उसके पूरे संदर्भ के साथ ही देखा और समझा जाना चाहिए।
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