एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में वृद्धि पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला

नई दिल्ली। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी के बाद सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति में हुई नाकामियों का बोझ सीधे आम जनता पर पड़ रहा है। पार्टी का आरोप है कि पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें कम होने का लाभ जनता को नहीं दिया गया और अब अचानक कीमत बढ़ाने से लोगों की जेब पर और दबाव पड़ा है।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कमर्शियल सिलिंडरों पर लगभग 115 रुपये का अतिरिक्त मुनाफा सरकार कमा रही है। खरगे ने यह भी कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस सस्ती थी, तब सरकार ने जनता को उसका फायदा नहीं दिया। अब जब लोग पहले से महंगाई से जूझ रहे हैं, अचानक कीमतें बढ़ा दी गई हैं।
सरकार के दावों पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार पहले दावा कर रही थी कि देश में ऊर्जा की पर्याप्त आपूर्ति है और अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष का भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर कोई असर नहीं होगा। लेकिन इसके बावजूद एलपीजी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की गई। उन्होंने याद दिलाया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि पश्चिम एशिया में युद्ध का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
ऊर्जा आपूर्ति और खाड़ी देशों का मुद्दा
श्रीनेत ने कहा कि भारत की अधिकांश ऊर्जा खाड़ी देशों से आती है। अगर वहां संकट बढ़ता है तो इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला होता तो गैस की कीमतों में इतनी तेजी नहीं आती।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर चेतावनी
कांग्रेस ने चेताया कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी संभव है। सुप्रिया श्रीनेत ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों की नीतियों की कीमत आखिर क्यों आम जनता को चुकानी पड़ रही है। पार्टी का कहना है कि सरकार को महंगाई से परेशान लोगों को तुरंत राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
महिला कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
एलपीजी की कीमत बढ़ने के विरोध में महिला कांग्रेस ने दिल्ली में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि यह निर्णय तुरंत वापस लिया जाए, क्योंकि देश की जनता पहले ही बढ़ती महंगाई से परेशान है।
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