मुजफ्फरनगर BSA संदीप कुमार की गिरफ्तारी के आदेश, 12 अक्टूबर को कोर्ट में पेश करने के निर्देश

HIGHLIGHTS
- महिला ने घर में घुसकर मारपीट और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया था।
- मुकदमे में मोनू, कृष्णपाल, सत्यम और बंटू समेत छह आरोपी हैं।
- दो आरोपियों के परिजनों ने उन्हें घटना के समय नाबालिग बताया था।
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर कोर्ट ने जिले के बीएसए संदीप कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि दिवाकर ने सीओ सिटी सिद्धार्थ कुमार मिश्रा को निर्देश दिया कि बीएसए को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को हर हाल में अदालत के सामने पेश किया जाए।
यह मामला महिला के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने से जुड़ा है। मुकदमे में दो आरोपियों की उम्र को लेकर विवाद सामने आया था। कोर्ट ने बीएसए से दोनों आरोपियों की उम्र से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा था, लेकिन आरोप है कि उन्होंने कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज कर दिया।
बीएसए की गिरफ्तारी के आदेश देने वाले न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर को फांसी देने वाले जज के नाम से भी जाना जाता है। वह नवंबर 2025 से मुजफ्फरनगर में अब तक 23 दोषियों को मौत की सजा सुना चुके हैं। वहीं, अपने करियर में वह कुल 36 दोषियों को मृत्युदंड दे चुके हैं।
2020 में महिला पर हुआ था जानलेवा हमला
पूरा मामला साल 2020 का है। नई मंडी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला के घर में कुछ लोग जबरन दाखिल हो गए थे। आरोप है कि आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट की और जानलेवा हमला करते हुए उसकी हत्या का प्रयास किया।
घटना के बाद पीड़ित महिला की ओर से नई मंडी थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में मोनू, कृष्णपाल, सत्यम और बंटू समेत कुल छह आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी।
दो आरोपियों की उम्र को लेकर सामने आया विवाद
मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान दो आरोपियों की उम्र को लेकर सवाल खड़ा हो गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार के मुताबिक, छह आरोपियों में से दो के परिजनों ने कोर्ट में दावा किया कि घटना के समय दोनों आरोपी नाबालिग थे।
इसके बाद अदालत के सामने यह तय करने की जरूरत पड़ी कि घटना के समय दोनों आरोपी नाबालिग थे या नहीं। इसी मामले में गवाही और जरूरी दस्तावेज पेश करने के लिए कोर्ट ने बीएसए संदीप कुमार को तलब किया था।
समन के बाद भी कोर्ट नहीं पहुंचे BSA
आरोपियों की उम्र से जुड़े मामले में बीएसए संदीप कुमार के बयान दर्ज किए जाने थे। कोर्ट के आदेश के अनुसार, उन्हें व्यक्तिगत रूप से 18 सितंबर 2026 को समन की तामील कराई जा चुकी थी। इसके बावजूद वह गुरुवार को अदालत में पेश नहीं हुए।
इसके बाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने सीओ सिटी सिद्धार्थ कुमार मिश्रा को बीएसए संदीप कुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि बीएसए को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर तक कोर्ट में पेश किया जाए।
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