केरलम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी की महिला विधायक को पीटा, 7 पर केस

HIGHLIGHTS
- तिरुवनंतपुरम के चिरयिनकीझु में कांग्रेस विधायक और कार्यकर्ताओं में झड़प।
- राम्या हरिदास ने नेताओं पर हमला और धमकी देने का आरोप लगाया।
- पुलिस ने सात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया।
तिरुवनंतपुरम। केरलम में कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद सामने आया है। तिरुवनंतपुरम जिले के चिरयिनकीझु में शुक्रवार रात कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। घटना में घायल हुईं हरिदास ने चिरायिनकीझु तालुक अस्पताल में इलाज कराया।
विधायक हरिदास ने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें धमकी दी। वहीं, जिला पंचायत सदस्य साजित मुट्टमबलम और पार्टी नेता सज्जाद ने घटना को लेकर अलग दावा किया। उनका कहना है कि एक WhatsApp पोस्ट को लेकर विधायक और उनके साथ आए लोगों ने उनसे बहस की, जिसके बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में राम्या हरिदास के साथ कुछ लोगों को हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, हरिदास के बयान के आधार पर साजित और सज्जाद समेत सात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सज्जाद की शिकायत पर भी अलग मामला दर्ज किया जाएगा।
जानिए पूरा मामला
बताया जा रहा है कि विवाद ब्लॉक पंचायत समिति की एक बैठक में हरिदास के स्टाफ सदस्य पलायम प्रदीप की मौजूदगी को लेकर शुरू हुआ। बैठक में विधायक, निर्वाचित प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। हरिदास के मुताबिक, प्रदीप उनके पर्सनल असिस्टेंट (PA) के रूप में काम कर रहे थे। हालांकि, सज्जाद ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि विधायक के PA विमल नाम के दूसरे व्यक्ति थे।
हरिदास ने पत्रकारों से कहा कि हाल ही में क्षेत्र में बैंक चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस के सदस्य तीन अलग-अलग पैनल से चुनाव मैदान में थे। उन्होंने कहा, "मैंने किसी भी पैनल के सम्मेलन में शामिल होने से इनकार कर दिया क्योंकि मैं एक गुट का समर्थन करते हुए नहीं दिखना चाहती थी।"
उनका आरोप है कि इसके बाद सज्जाद ने WhatsApp और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार नकारात्मक टिप्पणियां कीं। हरिदास के मुताबिक, जब उन्होंने सज्जाद से इन पोस्ट के बारे में सवाल किया तो उन्होंने बताया कि साजित और विश्वनाथन के कहने पर उन्होंने ऐसा किया था।
साजित पर धमकी देने का आरोप
हरिदास ने बताया कि बाद में सज्जाद ने इस मामले पर बातचीत करने के लिए उन्हें अपने घर बुलाया। वह अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचीं। उनका आरोप है कि इसके बाद साजित, अधीश, बिनॉय और कई अन्य लोग भी घर पहुंचे। हरिदास के मुताबिक, वहां साजित ने आक्रामक व्यवहार किया और उन्हें धमकी दी।
हरिदास ने पत्रकारों से कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि उन्होंने हमें इस तरह बर्बाद करने की साजिश रची। साजित ने उन्हें धमकी दी और कहा कि जिस रास्ते से वह आई हैं, उस रास्ते से वापस जाने के लिए उनके पैर नहीं बचेंगे।"
वहीं, सज्जाद ने घटना को लेकर अलग पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि विवाद उस समय शुरू हुआ जब उन्होंने पार्टी के WhatsApp ग्रुप में सवाल किया कि प्रदीप ब्लॉक पंचायत समिति की बैठक में क्यों शामिल हुए थे।
सज्जाद ने कहा, "जब से हरिदास विधायक बनी हैं, प्रदीप निर्वाचन क्षेत्र में अनुचित प्रभाव डाल रहे हैं और हमने बैठक में उनकी भागीदारी पर सवाल उठाया था।"
सज्जाद का आरोप है कि विधायक राम्या हरिदास अपने समर्थकों के साथ उनकी दुकान पर पहुंचीं और उन्हें जबरन घर ले गईं। उनके अनुसार, वहां विधायक के सहयोगी प्रदीप ने उनकी बेटी से विवादित पोस्ट पढ़वाई। इसका विरोध करने पर बहस तेज हो गई और स्थानीय नेताओं ने विधायक से सवाल किए।
"मेरा हाथ छोड़ो, तुम कौन हो?"
सामने आए वीडियो में हरिदास को वहां मौजूद कुछ लोगों से बहस करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो फुटेज में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, "मेरा हाथ छोड़ो", और इसके साथ वह पूछती हुई नजर आती हैं कि "तुम कौन हो?"
कांग्रेस नेता सज्जाद का आरोप है कि विधायक राम्या हरिदास बिना बुलाए उनके घर पहुंचीं और वहां बहस की। उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की है। वहीं, केरल कांग्रेस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों को सुनने का फैसला लिया है।
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