8 सितंबर से शुरू होगा UNGA का 81वां सत्र, भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे जयशंकर

HIGHLIGHTS
- महासभा की आम बहस 22 सितंबर से शुरू होगी।
- इस बार सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान कर रहे हैं।
- जलवायु परिवर्तन और समुद्र के बढ़ते जलस्तर पर उच्च स्तरीय बैठकें होंगी।
संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र में इस समय कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं। दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों और गंभीर भू-राजनीतिक संकटों के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की शुरुआत 8 सितंबर से होने जा रही है। इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर को दोपहर के सत्र में संबोधन देंगे।
महासभा का यह सत्र ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव का सामना कर रही है। खासतौर पर अमेरिका और इजराइल के नेतृत्व में ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष ने वैश्विक शांति को प्रभावित किया है। इस युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार पैदा हो रही बाधाओं का असर ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ा है।
कम विकसित देशों की आवाज बन रहा भारत
ग्लोबल साउथ और सबसे कम विकसित देश इस आर्थिक संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन देशों की समस्याओं और चिंताओं को मजबूती से उठाता रहा है। महासभा का यह उच्च स्तरीय सत्र केवल संबोधनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें मानवता के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा भी होगी।
सत्र में क्या होगा खास?
महासभा के दौरान जलवायु परिवर्तन से जुड़े बढ़ते खतरों, समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से पैदा हुए अस्तित्व के संकट और महामारी से निपटने की तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस और 'विकास के अधिकार की घोषणा' की 40वीं वर्षगांठ जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र होंगे।
ब्राजील के संबोधन से शुरू होगी आम बहस
परंपरा के मुताबिक, महासभा की आम बहस की शुरुआत 22 सितंबर को ब्राजील के संबोधन के साथ होगी। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने विचार रखेंगे। 193 सदस्यीय संगठन के 81वें सत्र की अध्यक्षता इस बार बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान कर रहे हैं।
पड़ोसी देशों के शासनाध्यक्षों की बात करें तो बांग्लादेश और नेपाल के शासनाध्यक्ष 24 सितंबर को महासभा को संबोधित करेंगे, जबकि पाकिस्तान की ओर से 25 सितंबर को संबोधन होगा।
ऐसे समय में जब दुनिया में संघर्ष और मानवता आर्थिक तथा सुरक्षा संकटों का सामना कर रही है, विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन भारत का पक्ष रखने के साथ-साथ दुनिया के वंचित और प्रभावित देशों की आवाज को वैश्विक मंच पर उठाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
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