राजस्थान में पंचायत चुनाव का ऐलान, चार चरणों में होगा मतदान, 8 अक्टूबर से शुरुआत

HIGHLIGHTS
- राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव कार्यक्रम जारी किया।
- प्रदेश की 14,403 पंचायतों में आम चुनाव होंगे।
- मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव का ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की 14,403 पंचायतों में आम चुनाव कराने की घोषणा की है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता भी लागू हो गई है। आयोग ने कहा है कि वह राज्य में ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की अवधारणा को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिसंबर में चार जिलों में होंगे प्रधान-उप प्रधान के चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, जिन पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, उनमें बारां, करौली, कोटा और झालावाड़ के प्रधान एवं उप प्रधान के चुनाव दिसंबर में कराए जाएंगे। पंचायत चुनाव के दौरान मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
जैसलमेर-फलौदी में एक चरण, जयपुर में चार चरण
पंचायत चुनाव के तहत जैसलमेर और फलौदी में मतदान एक चरण में कराया जाएगा, जबकि जयपुर में चार चरणों में चुनाव होंगे। आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
नामांकन के दौरान पांच लोगों को ही प्रवेश
नामांकन पत्र दाखिल करते समय उम्मीदवार के साथ अधिकतम पांच लोग ही मौजूद रह सकेंगे। निर्वाचित प्रमुख, उप प्रमुख, प्रधान, उप प्रधान, पंच और सरपंच विजय जुलूस नहीं निकाल पाएंगे। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति लेना जरूरी होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी।
दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था
दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान केंद्र तक लाने और मतदान के बाद वापस पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए मतदान केंद्रों पर अलग लाइन की व्यवस्था रहेगी। चुनाव प्रक्रिया के दौरान संबंधित पंचायत क्षेत्र में तबादलों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पहले से जारी विकास कार्य चलते रहेंगे, लेकिन नए टेंडर और नए कार्यादेश जारी नहीं किए जा सकेंगे। चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारी और कर्मचारी आयोग की प्रतिनियुक्ति पर रहेंगे।
चार चरणों में मतदान, नवंबर में होगी मतगणना
पंचायत समिति सदस्य और पंच-सरपंच के चुनाव चार चरणों में 8, 13, 19 और 21 अक्टूबर को होंगे। जिला परिषद के चुनाव 23 अक्टूबर को कराए जाएंगे, जबकि उप सरपंच का चुनाव 26 अक्टूबर को होगा।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को होगी। जिला प्रमुख की मतगणना 25 नवंबर और उप प्रधान की मतगणना 28 नवंबर को होगी। प्रथम चरण में 10,857 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
जयपुर में सबसे ज्यादा मतदाता
जिला परिषदों में सबसे अधिक मतदाता जयपुर में हैं, जबकि सबसे कम मतदाता जैसलमेर जिला परिषद में हैं। पंचायत समितियों में खंडेला सबसे बड़ी पंचायत समिति है। ग्राम पंचायतों में जैतारण में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि देवली-बीसलपुर में सबसे कम मतदाता हैं।
3.17 लाख कर्मचारी संभालेंगे चुनाव की जिम्मेदारी
पंचायत चुनाव के लिए कुल 3 लाख 17 हजार 688 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2 लाख 72 हजार 304 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जाएगी।
मतदान केंद्रों के बाहर होंगे वोटर एसिस्टेंट बूथ
मतदाताओं की सुविधा के लिए हर मतदान केंद्र के बाहर वोटर एसिस्टेंट बूथ बनाया जाएगा। इन बूथों पर मतदाताओं को मतदान से जुड़ी जरूरी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
भाजपा ने भी तेज की चुनावी तैयारियां
पंचायतीराज चुनाव 2026 को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने सात संभागों के लिए चुनाव संचालन समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संभागवार जिम्मेदारियां तय की हैं। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने 3 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया।
घोषित सूची के अनुसार जयपुर संभाग की जिम्मेदारी ओंकार सिंह लखावत और अल्का सिंह गुर्जर को दी गई है। अजमेर संभाग की जिम्मेदारी ज्ञानचंद पारख और जोगेश्वर गर्ग को सौंपी गई है।
जोधपुर संभाग में सी.आर. चौधरी और सांवरलाल जाट, उदयपुर में उदयलाल आंजना और महेंद्र सिंह मालवीया तथा भरतपुर में अशोक सैनी और मुरारीलाल गोयल को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को चुनाव संचालन की जिम्मेदारी देकर तैयारियों को गति दी है।
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