रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से हटाई गईं विरोध-प्रदर्शन की 74 तस्वीरें, बीकानेर हाउस पर उठे सवाल

HIGHLIGHTS
- रेहान वाड्रा ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बीकानेर हाउस प्रबंधन पर आरोप लगाए।
- हटाई गई कलाकृतियों में दिल्ली में युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरें शामिल थीं।
- रेहान ने तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने से इनकार किया।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा ने बुधवार को आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी प्रदर्शनी से बड़ी संख्या में कलाकृतियां हटाने के लिए कहा। इन कलाकृतियों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और अन्य आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरें शामिल थीं।
रेहान वाड्रा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “पांच घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रबंधन ने मुझे अपने शो ‘नो आइडिया इज फाइनल’ में प्रदर्शित कलाकृतियों के एक बड़े हिस्से को हटाने के लिए मजबूर किया। इन तस्वीरों में दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शन दिखाए गए थे। जाहिर है, यह कंटेंट आपत्तिजनक है। उन्होंने मुझसे तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के लिए भी कहा। मैंने मना कर दिया है। मैं भारतीय ध्वज की तस्वीर नहीं हटाऊंगा।”
विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरों का पूरा संग्रह दिखाने की बात
रेहान ने कहा कि फिलहाल प्रदर्शनी आंशिक रूप से जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह किसी दूसरी जगह पर प्रदर्शनी आयोजित करेंगे और विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों का पूरा संग्रह प्रदर्शित करेंगे।
इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एआईसीसी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने भी रेहान वाड्रा का समर्थन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक कला प्रदर्शनी पर इस तरह की सेंसरशिप लगाने की जरूरत क्यों पड़ी।
पवन खेड़ा ने क्या कहा?
पवन खेड़ा ने कहा, “जब सेंसर की कैंची से तिरंगा भी नहीं बच पाता तो शायद समस्या कला में नहीं, बल्कि सत्ता में है। रेहान के आर्ट शो ‘नो आइडिया इज फाइनल’ के शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही बीकानेर हाउस ने 74 कलाकृतियों, जो पूरी प्रदर्शनी का लगभग आधा हिस्सा थीं, उन्हें राजनीतिक बताकर हटा दिया। इन तस्वीरों में केवल विरोध-प्रदर्शनों को दिखाया गया था और इनमें से कोई भी आपत्तिजनक या भड़काऊ नहीं थी। तो फिर असल में गलती क्या थी?”
खेड़ा ने आगे दावा किया कि जिन तस्वीरों को हटने से बचा लिया गया, उनमें तिरंगे की एक तस्वीर भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विचारों के साथ-साथ विरोध-प्रदर्शनों से भी डर लगता है। अब विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें और यहां तक कि राष्ट्रीय ध्वज भी सरकार के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।




















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