जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा तीसरे दिन भी स्थगित

HIGHLIGHTS
- जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने, कई हाईवे और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए।
- राजौरी-पुंछ में प्रभावित 435 मार्गों में से 356 बहाल, तीन दिन में बारिश और भूस्खलन से 25 लोगों की मौत।
- अमरनाथ, वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्राएं लगातार तीसरे दिन स्थगित रहीं, प्रशासन राहत कार्यों में जुटा।
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बारिश और भूस्खलन के चलते सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों के सैकड़ों गांव जिला मुख्यालयों से कट गए हैं।
मंगलवार को ऊधमपुर और रामबन में कई स्थानों पर पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे प्रभावित रहा। वहीं, जलभराव के चलते जम्मू-पठानकोट हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ। राजौरी-पुंछ हाईवे भूस्खलन के कारण करीब ढाई घंटे तक बाधित रहा।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजौरी और पुंछ जिलों में प्रभावित 435 मार्गों में से 356 मार्गों को बहाल कर दिया गया है। इस दौरान तवी, चिनाब सहित प्रदेश की सभी प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं।
उपराज्यपाल ने ली हालात की समीक्षा
बड़गाम के बीरबाह क्षेत्र में सुखनाग नाले में जलस्तर बढ़ने से पूरा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बह गया। यहां बाढ़ में बहने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना है।
रियासी में चिनाब नदी पर बनी सलाल पनबिजली परियोजना के सभी बैराज खोल दिए गए हैं। खराब मौसम के चलते श्री अमरनाथ यात्रा, मां वैष्णो देवी यात्रा और शिवखोड़ी यात्रा लगातार तीसरे दिन भी स्थगित रही।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बातचीत कर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। शाह ने राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
प्रदेश में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण तीन दिनों में 25 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें करीब 21 मौतें राजौरी और पुंछ जिलों में हुई हैं।
दोनों जिलों में राहत कार्य जारी हैं। इन क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित हुई है। वहीं, कटड़ा में माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर कई जगह पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आईं। यात्रा स्थगित रहने के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।
कटड़ा में सबसे ज्यादा बारिश
कटड़ा में करीब 20 हजार श्रद्धालु यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों में कटड़ा में करीब 300 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है।
जम्मू, बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों में भी हजारों श्रद्धालु मौसम साफ होने और प्रशासन की ओर से श्री अमरनाथ यात्रा शुरू किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जम्मू जिले के खौड़ क्षेत्र में एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से घर में दरारें आ गईं। खिड़कियां टूट गईं और बिजली के उपकरण भी जल गए।
इसके अलावा ज्यौड़ियां क्षेत्र की चक भगवाना खड्ड में जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का संपर्क करीब तीन घंटे तक कटा रहा। बारिश के कारण सांबा-मानसर-ऊधमपुर मार्ग भी प्रभावित हुआ। सुंब ब्लॉक के 70 से 80 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
कठुआ जिले के बिलावर में भीनी नदी में फंसे दो युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, कठुआ में जम्मू-पठानकोट हाईवे पर दो से तीन फुट तक पानी भर गया।
कश्मीर में भी बारिश जारी
कश्मीर के श्रीनगर, पुलवामा और बांडीपोरा समेत कई जिलों में मंगलवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही।
प्रदेश के सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। सिविल डिफेंस और पुलिस की टीमें लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जलस्रोतों से दूर रहने और सतर्क रहने की अपील कर रही हैं।
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