सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद ध्वस्त, मलबा हटाने के दौरान मिला गहरा कुआं

HIGHLIGHTS
- प्रशासन ने शुक्रवार रात से ही कलेक्ट्रेट परिसर की घेराबंदी कर दी थी।
- ध्वस्तीकरण के लिए सात बुलडोजर और 12 डंपर लगाए गए थे।
- कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट के सभी पांचों गेटों पर सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित दो मंजिला मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाते समय मस्जिद के नीचे जमीन में एक गहरा कुआं मिला। प्रशासन ने नगर मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद शनिवार सुबह मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शुरू की थी।
मस्जिद 315 वर्ग मीटर भूमि पर बनी हुई थी। शनिवार तड़के इसके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई और देर शाम तक मलबा हटाने का काम चलता रहा। इसी दौरान मलबा हटाने वाली टीम को मस्जिद के नीचे कुआं दिखाई दिया। कुएं की चौड़ाई करीब एक से सवा मीटर बताई गई है, जबकि इसकी गहराई 20 फुट मापी गई है।
कुएं के 20 फुट नीचे तक मिट्टी दबी हुई है। प्रशासनिक टीम इसे पुराना कुआं मान रही है। किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए कुएं के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने कुआं मिलने की पुष्टि की है।
मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी दो मंजिला मस्जिद को प्रशासन ने शनिवार को ध्वस्त कराया। नगर मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई थी। मस्जिद 315 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बनी हुई थी। ध्वस्तीकरण के बाद देर शाम तक मलबा हटाने का काम जारी रहा।
मलबा हटाने के दौरान मस्जिद के नीचे जमीन में एक कुआं मिला। इसकी चौड़ाई करीब एक से सवा मीटर और गहराई 20 फुट बताई गई है। कुएं के निचले हिस्से में करीब 20 फुट तक मिट्टी भरी हुई है। प्रशासनिक टीम ने कुएं को काफी पुराना माना है।
कुएं के आसपास पुलिस बल तैनात
कुआं मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उसके आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया। एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि कुएं को ढकवा दिया गया है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि मलबा हटाने के दौरान ही कुआं सामने आया। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
बुलडोजर से ध्वस्त की गई कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित दो मंजिला मस्जिद को जिला प्रशासन ने शनिवार को ध्वस्त करा दिया। करीब पांच घंटे चली इस कार्रवाई में सात बुलडोजर और 12 डंपर लगाए गए। मस्जिद के ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट के पांचों गेटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। तनाव की स्थिति को देखते हुए आसपास के जिलों से भी फोर्स बुलाया गया था।
प्रशासन ने शुक्रवार रात ही कलेक्ट्रेट परिसर की घेराबंदी कर पुलिस बल तैनात कर दिया था। मौके पर पहुंचे एमएलसी शाहनवाज खान, मस्जिद प्रबंधन पक्ष के लोगों और अन्य नेताओं को बताया गया कि मस्जिद को सील किया जा रहा है।
शनिवार सुबह पांच बजे से डंपर और जेसीबी कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने लगे। इसके करीब ढाई घंटे बाद सुबह साढ़े सात बजे बुलडोजर से ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। दोपहर 12 बजे तक 315 वर्ग मीटर में बनी मस्जिद को गिरा दिया गया। इसके बाद पूरा मलबा भी बाहर हटा दिया गया।
डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
मस्जिद प्रकरण को लेकर कैराना से सपा सांसद इकरा हसन को शुक्रवार रात उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। सहारनपुर में पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान सहित आधा दर्जन से अधिक विपक्षी नेताओं को नजरबंद किया गया। सपा का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को सहारनपुर पहुंचेगा।
सीएम योगी से की गई थी सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत
बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर मस्जिद का निर्माण किया गया है। शिकायत के बाद मामला सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। 16 जुलाई को अदालत ने मस्जिद को अवैध करार दे दिया था।
जिला जज की अदालत ने याचिका खारिज की
मस्जिद प्रबंधन पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को जिला जज की अदालत में चुनौती दी थी। प्रबंधन पक्ष ने दावा किया था कि मस्जिद करीब 150 साल पुरानी है और इसके साक्ष्य के तौर पर जनवरी 1911 का बिजली बिल भी पेश किया था। हालांकि, जिला जज की अदालत ने दो सितंबर को याचिका खारिज कर दी। इसके बाद शनिवार को मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक सच्चा सनातनी सौहार्द पसंद करता है। उन्होंने भाजपा सरकार पर सौहार्द के खिलाफ काम करने और समाज में वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने कहा कि सहारनपुर में यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि भाजपा के लोगों ने अयोध्या में रामधन की चोरी की है।
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