सहारनपुर: PNB की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के नकली नोट मिले, तीन अधिकारी सस्पेंड

HIGHLIGHTS
- शुरुआती जांच में 7 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने की बात सामने आई थी।
- बाद की जांच में नकली नोटों की रकम बढ़कर 17 करोड़ रुपये बताई गई।
- 5 अगस्त को 11.50 करोड़ रुपये के नोट आरबीआई जयपुर भेजे गए थे।
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की सोफिया मार्केट स्थित शाखा के करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने से हड़कंप मच गया। जांच में तीन अधिकारियों की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। शुरुआती जांच में सात करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने की बात सामने आई थी।
नकली करेंसी मिलने के मामले में निलंबित तीनों अधिकारियों के खिलाफ पीएनबी के मुख्य प्रबंधक और जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, नकदी कम मिलने के मामले में पार्ट टाइम हाउस कीपर के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
बैंक स्तर पर जांच के साथ पुलिस भी पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। कुछ दिन पहले पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल कुमार को करेंसी चेस्ट में नोटों की गड्डियां लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें गले, कटे और अन्य नोट शामिल थे। वहां से 11.50 करोड़ रुपये के नोट 5 अगस्त को आरबीआई जयपुर भेजे गए थे। वहां गिनती के बाद 4 लाख 30 हजार 900 रुपये की नकदी कम मिली।
इसके बाद इसकी जानकारी पीएनबी मेरठ जोनल हेड अजय कुमार टिबरेवाल को दी गई। मेरठ से मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार चौबे को जांच के लिए सहारनपुर भेजा गया। जांच में सामने आया कि विशाल कुमार ने गड्डियों से नोट निकाले थे। वह नोट निकालते हुए सीसीटीवी कैमरे में भी दिखाई दे रहा है।
9 अगस्त से गड़बड़ी को लेकर ऑडिट शुरू किया गया। जांच के दौरान पता चला कि करेंसी चेस्ट में करीब 11.50 करोड़ रुपये की नकली करेंसी रखी हुई थी।
इसके बाद जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और हरियाणा के यमुनानगर-जगाधरी के करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार से बातचीत की। अमित कुमार सहारनपुर करेंसी चेस्ट से स्थानांतरित होकर हरियाणा गए थे। तीनों अधिकारी मामले में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इसकी जानकारी अरुण कुमार चौबे ने बैंक के उच्चाधिकारियों को दी। 29 अगस्त की शाम उन्होंने तीनों प्रबंधकों के खिलाफ थाना सदर बाजार में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।
दिल्ली रोड स्थित पीएनबी के मंडल कार्यालय में तैनात वरिष्ठ मैनेजर निशा सिंह ने बताया कि मामला सामने आने के बाद तीनों प्रबंधकों को निलंबित कर दिया गया है। जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल कुमार के खिलाफ नोट चोरी का मुकदमा भी दर्ज कराया और उसे काम से हटा दिया गया है।
ऑडिट के दौरान जांच टीम ने नोटों की गड्डियों की जांच की तो सामने आया कि कुछ गड्डियों में ऊपर एक असली नोट और नीचे एक नोट लगाया गया था। शुरुआती जांच में 11.50 करोड़ रुपये के नकली नोट पकड़े गए थे। वहीं, ऑडिट टीम के अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने सोमवार रात नौ बजे थाने में शिकायत देकर बताया कि जांच में 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिले हैं।
थाना प्रभारी सदर बाजार नेमचंद ने बताया कि पहले से दर्ज मुकदमे में अब नकली नोटों की कीमत को बढ़ाया जा रहा है।
ऑडिट पूरा होने तक और बढ़ सकती है रकम
करेंसी चेस्ट में पीएनबी की अलग-अलग शाखाओं से नकदी पहुंचती है। करेंसी चेस्ट का ऑडिट अभी जारी है। फिलहाल बैंक स्तर पर संदिग्ध लेनदेन और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नकली नोटों की कुल संख्या कितनी है और यह मामला किस स्तर तक फैला हुआ है। वरिष्ठ मैनेजर निशा सिंह ने बताया कि बैंक अधिकारी जांच में जुटे हैं और अभी करेंसी चेस्ट से और नकली नोट सामने आने की संभावना है।
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