गाजीपुर में अफजाल अंसारी के खिलाफ छह दिन में दूसरी FIR, शस्त्र पत्रावली गायब कराने का आरोप

HIGHLIGHTS
- अफजाल अंसारी के खिलाफ शस्त्र पत्रावली गायब कराने के आरोप में दूसरी FIR दर्ज।
- जांच में 51 लाइसेंसों पर 145 शस्त्रों की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया।
- पुलिस ने छह दिन में 10 लोगों पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए।
गाजीपुर में शस्त्रों के दुरुपयोग और मूल पत्रावली व क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेज गायब कराने के आरोप में पुलिस ने सोमवार को समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ छह दिन में दूसरी बार प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमाशंकर वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि आईएस-191 मुख्तार अंसारी गिरोह के सदस्यों, सहयोगियों और मुख्तार अंसारी के परिजनों के शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर जारी शस्त्रों के दुरुपयोग की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आया कि अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस संख्या 1241/पी 11 से संबंधित शस्त्र लाइसेंस पत्रावली और क्रय-विक्रय से जुड़ी पत्रावली गायब कराई गई है।
पुलिस के अनुसार, इसके लिए अफजाल अंसारी ने संबंधित शस्त्र लिपिकों के साथ मिलीभगत और षड्यंत्र किया। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त लाइसेंस पर कई वर्ष पहले अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले के अलोंग कस्बे में एनपीबी राइफल संख्या 86 एबी 1926 और 32 बोर रिवॉल्वर नंबर ए-12741 का क्रय-विक्रय हुआ था। इन शस्त्रों की पत्रावली और वर्तमान स्थिति की जानकारी नहीं मिलने के कारण उनका भौतिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस और क्रय-विक्रय संबंधी पत्रावली गायब कराने के मामले में अफजाल अंसारी समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
51 शस्त्र लाइसेंसों पर 145 शस्त्रों की खरीद-बिक्री का मामला
आईएस-191 गिरोह के सक्रिय सदस्यों, सहयोगियों और मुख्तार अंसारी के रिश्तेदारों व परिजनों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। जांच में सामने आया है कि 51 शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर 145 शस्त्रों का क्रय-विक्रय किया गया।
पुलिस के अनुसार, विभिन्न शस्त्रों के भौतिक सत्यापन और जांच के बाद मामले से जुड़े तथ्य सामने आ रहे हैं। एसपी सिटी ने बताया कि मूल पत्रावली और क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेज जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से गायब कराए गए, जिससे इन शस्त्रों के इस्तेमाल की जांच प्रभावित हुई।
शस्त्र लाइसेंसों से जुड़े दस्तावेज गायब कराने के आरोप में पुलिस 22 जुलाई से अब तक छह दिन में सपा सांसद अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी समेत दस लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। सपा सांसद के खिलाफ यह दूसरी प्राथमिकी है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश के अलोंग जिले में राइफल और 32 बोर रिवॉल्वर के क्रय-विक्रय का मामला सामने आया है।
छह दिन में इन लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
22 जुलाई को पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस पत्रावली और क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेज शस्त्र लिपिकों के साथ मिलीभगत कर अभिलेखागार से गायब कराने के आरोप में सपा सांसद अफजाल अंसारी, तत्कालीन शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और तत्कालीन लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
23 जुलाई को शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी की पत्नी और 50 हजार रुपये की इनामी आफ्शा अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ क्रय-विक्रय की गई रिवॉल्वर की पत्रावली गायब कराने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद 24 जुलाई को आईएस-191 गिरोह के सहयोगी मोहम्मद शाहिद समेत तीन लोगों के खिलाफ फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि मामले में जांच और सत्यापन की कार्रवाई जारी है। जैसे-जैसे जांच में तथ्य सामने आ रहे हैं, पुलिस उसी के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
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