Shardiya Navratri 2026: नौ दिनों में किस देवी को चढ़ाएं कौन-सा भोग? जानें मंत्र और रंग

HIGHLIGHTS
- शारदीय नवरात्रि 11 से 19 अक्टूबर 2026 तक मनाई जाएगी।
- 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व रहेगा।
- नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होगी।
“मां दुर्गा आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएं। नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!” शारदीय नवरात्रि का पर्व धार्मिक आस्था, मां दुर्गा की उपासना और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इन नौ दिनों में भक्त देवी के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य तथा खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।
नवरात्रि के अवसर पर परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों को शुभकामना संदेश भेजने की भी खास परंपरा है। लोग व्हाट्सऐप स्टेटस, फेसबुक पोस्ट, संदेशों और तस्वीरों के माध्यम से अपनों को पर्व की बधाई देते हैं। इन शुभकामनाओं में मां दुर्गा से सुख, शक्ति, साहस और खुशियों की कामना की जाती है।
धार्मिक महत्व के साथ-साथ शुभकामना संदेश आपसी प्रेम, सद्भाव और अपनापन जाहिर करने का भी माध्यम हैं। अगर आप शारदीय नवरात्रि के पहले दिन अपने प्रियजनों को खास अंदाज में बधाई देना चाहते हैं, तो इस पावन अवसर पर साझा किए जाने वाले संदेशों के साथ नौ दिनों की पूजा से जुड़ी मान्यताओं को भी जान सकते हैं।
शारदीय नवरात्रि 2026 की तिथियां
शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक मनाया जाएगा, जबकि 20 अक्टूबर को दशहरा होगा। नवरात्रि के नौ दिनों में तिथि के अनुसार मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान देवी के स्वरूप के अनुसार मंत्र, शुभ रंग, प्रिय पुष्प और भोग का विशेष महत्व माना जाता है।
आइए जानते हैं कि नौदुर्गा के नौ दिनों में किस देवी की पूजा की जाती है और उन्हें कौन-सा मंत्र, पुष्प, रंग तथा भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है।
1. पहला दिन (प्रतिपदा): मां शैलपुत्री
मंत्र: ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
शुभ रंग: नारंगी (Orange)
प्रिय पुष्प: सफेद कनेर, कमल, गुड़हल या लाल फूल
भोग/प्रसाद: गाय का शुद्ध घी
2. दूसरा दिन (द्वितीया): मां ब्रह्मचारिणी
मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
शुभ रंग: सफेद (White)
प्रिय पुष्प: चमेली, गुलदाउदी और वटवृक्ष का फूल
भोग/प्रसाद: शक्कर या मिश्री
3. तीसरा दिन (तृतीया): मां चंद्रघंटा
मंत्र: ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः॥
शुभ रंग: लाल (Red)
प्रिय पुष्प: शंखपुष्पी या कमल का फूल
भोग/प्रसाद: दूध या दूध से बनी खीर
4. चौथा दिन (चतुर्थी): मां कुष्मांडा
मंत्र: ॐ देवी कुष्मांडायै नमः॥
शुभ रंग: रॉयल ब्लू (Royal Blue)
प्रिय पुष्प: गेंदा या पीले-नारंगी रंग का कोई फूल
भोग/प्रसाद: मालपुआ
5. पांचवां दिन (पंचमी): मां स्कंदमाता
मंत्र: ॐ देवी स्कंदमातायै नमः॥
शुभ रंग: पीला (Yellow)
प्रिय पुष्प: पीला फूल, कमल या गुड़हल
भोग/प्रसाद: केला
6. छठा दिन (षष्ठी): मां कात्यायनी
मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
शुभ रंग: हरा (Green)
प्रिय पुष्प: गेंदा, बेला चमेली या बेर के पेड़ का फूल
भोग/प्रसाद: शुद्ध प्राकृतिक शहद
7. सातवां दिन (सप्तमी): मां कालरात्रि
मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥
शुभ रंग: स्लेटी या ग्रे (Grey)
प्रिय पुष्प: रात की रानी, कृष्णकमल या नीले रंग का कोई फूल
भोग/प्रसाद: गुड़
8. आठवां दिन (अष्टमी): मां महागौरी
मंत्र: ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
शुभ रंग: बैंगनी (Purple)
प्रिय पुष्प: मोगरा या रात की रानी
भोग/प्रसाद: नारियल
9. नौवां दिन (नवमी): मां सिद्धिदात्री
मंत्र: ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
शुभ रंग: मोरपंखी हरा (Peacock Green)
प्रिय पुष्प: चंपा या गुड़हल
भोग/प्रसाद: काले या सफेद तिल






















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