2000 रुपये से ज्यादा के UPI लेन-देन पर शुल्क क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को UPI चार्ज से जुड़े मामले पर हुई सुनवाई
- केंद्र सरकार, RBI और NPCI से कोर्ट ने मांगा जवाब
- 2000 रुपये से अधिक के UPI लेन-देन पर शुल्क लगाने के फैसले का मांगा विवरण
- एडवोकेट अंजन दत्ता की याचिका पर पीठ ने दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को यूपीआई चार्ज से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार, आरबीआई और एनपीसीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के जरिए यूपीआई ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने से संबंधित गजट नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें सरकार को यह बताना होगा कि 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लगाने का फैसला किस वजह से किया गया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने एडवोकेट अंजन दत्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। याचिका में केंद्र सरकार की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है।
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