एसआईआर को लेकर शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर निशाना, बोले- विपक्ष के पास जनता का समर्थन नहीं

HIGHLIGHTS
- श्रीरामपुर की बैठक में करीब 150 लोगों के शामिल होने का दावा।
- ममता बनर्जी के 15 साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल का किया जिक्र।
- छह बार सांसद रहने की बात भी कही गई।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास अब जनता का समर्थन नहीं रह गया है और राज्य में किसी तरह का आंदोलन भी नहीं चल रहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अदालत की अनुमति के बाद शनिवार को श्रीरामपुर में हुई बैठक के दृश्यों से स्थिति स्पष्ट हो जाती है। उनके अनुसार, बैठक में करीब 150 लोग ही शामिल हुए थे। उन्होंने ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह 15 साल तक मुख्यमंत्री और छह बार सांसद रही हैं, लेकिन पिछले पांच महीनों में परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं।
शुभेंदु अधिकारी का दावा- कई हिस्सों में बंटी टीएमसी
बंगाल के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ममता बनर्जी के नाम और पार्टी के चुनाव चिह्न का अब कोई निशान नहीं बचा है और टीएमसी तीन या चार हिस्सों में विभाजित हो चुकी है। अधिकारी ने कहा कि एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी की ओर से फैलाए जा रहे कथित झूठ की तस्वीर भी अब स्पष्ट है।
27 लाख नाम हटाए जाने के मुद्दे पर शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 60 लाख मामलों में से 27 लाख प्रविष्टियों को तार्किक विसंगतियों के आधार पर खारिज किए जाने को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया न्यायिक अधिकारियों द्वारा पूरी की गई थी। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारी चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के तौर पर काम कर रहे थे।
अधिकारी ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख एक या दो बार नहीं, बल्कि करीब 20 बार किया। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट के माध्यम से जिला न्यायाधीशों को पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों में अदालत के व्यापक हस्तक्षेप के चलते यह पूरी प्रक्रिया न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा थी।
ममता, राहुल और एमए बेबी को केरल में प्रदर्शन की सलाह
शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी, माकपा नेता एमए बेबी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को केरल में भी प्रदर्शन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तीनों को तिरुवनंतपुरम जाकर वहां प्रदर्शन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनके अनुसार केरल में एसआईआर की स्थिति अलग है और वहां कांग्रेस ने चुनाव जीता है, जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल में स्थिति काफी खराब हुई है। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर में तार्किक विसंगतियों से जुड़े मामलों के लिहाज से पश्चिम बंगाल की स्थिति पूरी तरह अलग है।
एसआईआर को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद जारी
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार जारी है। ममता बनर्जी ने हाल ही में चुनाव आयोग पर आरोप लगाया था कि एसआईआर के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाकर भाजपा को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी।
हालांकि, एसआईआर के तहत हटाए गए मतदाताओं और अपीलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि पश्चिम बंगाल में हटाए गए नामों को दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने की मांग को लेकर 22.21 लाख अपीलें दाखिल की गई थीं।
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