ईरान पर अमेरिका का बड़ा हवाई हमला, केश्म द्वीप और सीरिक बने निशाना; तनाव और बढ़ा

HIGHLIGHTS
- मेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के केश्म द्वीप और सीरिक बंदरगाह शहर को निशाना बनाया, CENTCOM ने लगातार आठवीं रात सैन्य अभियान की पुष्टि की।
- जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद तनाव बढ़ा, ट्रंप ने अभियान का बचाव किया जबकि ईरान ने बड़े जवाबी हमले की चेतावनी दी।
- खाड़ी देशों तक संघर्ष पहुंचा, ईरान-अमेरिका के बीच हमले तेज हुए और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है।
अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के केश्म द्वीप पर नए हवाई हमले किए हैं। ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, द्वीप पर दो धमाकों की आवाज सुनी गई। हमले के बाद नुकसान का पता लगाने के लिए आपातकालीन और सुरक्षा टीमों को मौके पर भेजा गया है।
अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरानी बंदरगाह शहर सीरिक को भी निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लगातार आठवीं रात चल रहे सैन्य अभियान की पुष्टि की है। अमेरिका का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।
जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
यह हमला शनिवार को जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद किया गया। अमेरिकी सेना के अनुसार, ये सैनिक ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव के दौरान मारे गए। वहीं, एक अन्य अमेरिकी सैनिक अभी भी लापता बताया जा रहा है।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि सैनिकों ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने सैनिकों की मौत पर दुख जताते हुए मिशन को जरूरी बताया।
ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने कहा कि इन हमलों ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की अनदेखी को साबित किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी राष्ट्र और प्रतिरोध मोर्चा अमेरिका को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा।
ईरानी नेता के सैन्य सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रजाई ने भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की बमबारी जारी रही तो ईरान बड़े स्तर पर आक्रामक अभियान शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अब केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
खाड़ी देशों तक पहुंचा संघर्ष
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। कुवैत में एक तेल केंद्र और बिजली-पानी संयंत्र को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है, जिसकी कुवैत ने कड़ी निंदा की है।
बहरीन ने ईरानी हवाई हमलों को रोकने का दावा किया है, जबकि ईरान का कहना है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया। इसके अलावा जॉर्डन के अल-अजराक अमेरिकी बेस पर ईंधन टैंकों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
जॉर्डन की सेना ने शनिवार को 10 ईरानी मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया। वहीं, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है।
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