अमेरिका ने ब्रिटेन के सैन्य एयरबेस से हटाए बॉम्बर विमान, ट्रंप बोले- धमकियों के पीछे कौन है पता है

HIGHLIGHTS
- अमेरिकी वायुसेना ने आरएएफ फेयरफोर्ड से सभी बॉम्बर विमान वापस बुलाए।
- एयरबेस पर कथित आतंकी हमले की साजिश की जांच चल रही है।
- फेयरफोर्ड एयरबेस लंदन से करीब 160 किलोमीटर पश्चिम में है।
नई दिल्ली। अज्ञात धमकियों के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित अपने सैन्य एयरबेस से बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया है। इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को पता है कि इन धमकियों के पीछे कौन है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि इसके लिए जिम्मेदार लोग बड़ी मुसीबत में पड़ गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी वायुसेना ने इंग्लैंड में मौजूद अपने एक सैन्य एयरबेस से सभी बमवर्षक विमानों को वापस बुला लिया है। यह एयरबेस अमेरिकी नियंत्रण में है और यहां से ईरान पर हमले किए गए थे। आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस पर कथित आतंकी हमले की साजिश की जांच के बाद यह कदम उठाया गया।
आरएएफ फेयरफोर्ड लंदन से करीब 100 मील यानी 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। मध्य पूर्व में दशकों से चले आ रहे संघर्षों के दौरान अमेरिका इस एयरबेस का इस्तेमाल बमवर्षक विमानों के लिए करता रहा है।
पेंटागन ने की बॉम्बर्स की वापसी की पुष्टि
पेंटागन ने पुष्टि की है कि आरएएफ फेयरफोर्ड पर तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमान अपने मूल ठिकानों पर लौट रहे हैं। हालांकि, पेंटागन ने नई चेतावनियों को लेकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, नई जानकारी उसी खतरे से जुड़ी थी, जो तीन हफ्ते पहले सामने आया था। लेकिन पिछले 24 घंटों में कुछ विशिष्ट विवरण सामने आए, जिसके बाद खतरे को लेकर तत्परता अचानक बढ़ गई और सैन्य कमांडरों ने तत्काल विमानों को हटाने का फैसला लिया।
विमानन गतिविधियों पर नजर रखने वाले मिलिट्री एयर ट्रैकिंग अलायंस जैसे समूहों ने ईरान युद्ध शुरू होने के शुरुआती दिनों से आरएएफ फेयरफोर्ड से दर्जनों बी-52 और बी-1 बमवर्षकों को उड़ान भरते देखा है। निगरानी करने वालों ने रविवार को भी इस एयरबेस से कई बी-1 बमवर्षकों को उड़ान भरते देखा।
ईरान को लेकर ट्रंप के सामने क्या विकल्प?
अमेरिका का यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें नए हमले भी शामिल हैं। ट्रंप ने शुरुआत में अमेरिकी नागरिकों से कहा था कि यह अभियान कुछ हफ्तों तक चलेगा।
शनिवार को व्हाइट हाउस से ओहायो में एक रैली के लिए रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान को लेकर उनके पास फैसले हैं, जिन्हें वह करेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान तबाह हो चुका है और अब एकमात्र सवाल यह है कि आगे का रास्ता आसान होगा या मुश्किल।
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