BRICS डिनर में सिर्फ शाकाहारी खाना परोसने पर कांग्रेस हमलावर, किरेन रिजीजू ने दिया जवाब

HIGHLIGHTS
- ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत ने सदस्य देशों के साथ कई अहम द्विपक्षीय बैठकें कीं।
- प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी में भारत मंडपम में विदेशी मेहमानों के लिए गाला डिनर आयोजित किया गया।
- डिनर के मेन्यू को लेकर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हुई।
नई दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन के मंच से वैश्विक प्रगति के रोडमैप पर चर्चा के बाद दुनिया भर से आए मेहमान विदा हो गए। कूटनीतिक सफलता को लेकर भारत सरकार संतुष्ट है। आतंकवाद पर चिंता जताते हुए सदस्य देशों ने सामूहिक रूप से पहलगाम हमले की निंदा की।
भारत की मेजबानी में हुए सम्मेलन के दौरान कई देशों के बीच दूरियां कम होती नजर आईं। हालांकि, इसी बीच विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने भारत मंडपम में शनिवार को आयोजित रात्रिभोज के मेन्यू को लेकर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने शाकाहारी भोजन पर उठाया सवाल
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने विदेशी मेहमानों को केवल शाकाहारी भोजन परोसे जाने पर आपत्ति जताई। नेताओं की ओर से सवाल उठाया गया कि मेहमानों को भारत के मांसाहारी व्यंजन क्यों नहीं परोसे गए।
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दुनियाभर से आए मेहमानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में गाला डिनर दिया गया था। भारत मंडपम में आयोजित इस विशेष भोज में सभी खाद्य पदार्थ शुद्ध शाकाहारी थे। श्रीअन्न और अन्य शाकाहारी चीजों से तैयार व्यंजन मेहमानों को परोसे गए। रविवार को सम्मेलन का अंतिम दिन था।
राहुल गांधी की छोले-भटूरे वाली पोस्ट
पीएम मोदी ने सम्मेलन के तीन दिनों में 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान आपसी और सामूहिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। दिल्ली घोषणापत्र पर बनी सहमति को भी उपलब्धि माना जा रहा है।
इसी बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने एक्स पर छोले-भटूरे की तस्वीर पोस्ट की।
उन्होंने लिखा, 'यह रिकॉर्ड के लिए है: 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं। भारतीय मांसाहार स्वादिष्ट है, जैसे कि मेरी बहन के छोले-भटूरे।'
राहुल गांधी की इस पोस्ट के बाद ब्रिक्स सम्मेलन में परोसे गए भोजन को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई।
पवन खेड़ा ने भी साधा निशाना
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने राहुल गांधी की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए भाजपा पर खान-पान की पसंद थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है और यहां कई तरह के बेहतरीन नॉन-वेज व्यंजन मिलते हैं, जिन्हें दुनियाभर के लोग पसंद करते हैं।
पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि मोदी सरकार ने भारत की संस्कृति के इस हिस्से को छिपाने का फैसला क्यों किया और क्या उसे देश की विविधता से शर्म आती है।
इसके बाद सुप्रिया श्रीनेत, श्रीनिवास बीवी सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने भी राहुल गांधी के समर्थन में शाकाहारी भोजन को लेकर सवाल उठाए।
किरेन रिजीजू और गिरिराज सिंह ने दिया जवाब
कांग्रेस नेताओं के सवालों पर सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने लिखा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर है और इसमें अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराएं शामिल हैं।
वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रिक्स की बढ़ती ताकत और सफलता को पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है, लेकिन देश के अंदर कुछ लोग अब भी नाराज हैं।
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