शी चिनफिंग ने रखा ‘ग्रेटर ब्रिक्स’ का प्रस्ताव, अमेरिका-पश्चिम पर बिना नाम लिए निशाना

HIGHLIGHTS
- ग्लोबल साउथ की एकजुटता पर जोर दिया।
- अंतरराष्ट्रीय नियमों में दोहरे मापदंड का विरोध।
- AI और डिजिटल सहयोग बढ़ाने की पहल।
नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति चिनफिंग ने ‘ग्रेटर ब्रिक्स’ का प्रस्ताव सामने रखा। उन्होंने अमेरिका और पश्चिमी देशों पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में 'जिसकी लाठी, उसकी भैंस' का सिद्धांत स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी देशों के लिए संप्रभु समानता की बात कही।
ब्रिक्स देशों को संबोधित करते हुए चिनफिंग ने ‘ताकत ही सही है’ वाली सोच की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी देश का आकार, उसकी ताकत या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, वैश्विक समुदाय में सभी देशों को समान दर्जा मिलना चाहिए।
इसी के साथ चिनफिंग ने ग्लोबल साउथ को एकजुट करने और ब्रिक्स के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए पांच प्रमुख वैश्विक पहलों की घोषणा की। इनमें एआई (AI) ओपन-सोर्स कम्युनिटी, डिजिटल इकोसिस्टम और इंजीनियर ट्रेनिंग एलायंस समेत अन्य पहल शामिल हैं।
जोखिम और चुनौतियों से भरा है अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य
चिनफिंग ने कहा कि ग्लोबल साउथ अपने सामूहिक उदय के साथ विश्व में बहुध्रुवीयता को आगे बढ़ाने वाली प्रमुख ताकत बन गया है। हालांकि, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य अस्थिर है और इसमें जोखिम तथा चुनौतियां मौजूद हैं। उनके मुताबिक, दुनिया में स्थिरता लाने और इसे बेहतर बनाने के लिए ब्रिक्स देशों को ऐतिहासिक पहल करनी होगी।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को ग्लोबल साउथ को एकजुट करना होगा, अंतरराष्ट्रीय मामलों में सक्रिय, स्थिर और सकारात्मक भूमिका निभानी होगी और पूरी मानवता के कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए काम करना होगा।
चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि ‘ताकत ही सत्य है’ का सिद्धांत मान्य नहीं होना चाहिए और इसे काफी पहले छोड़ दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय मामलों में कानून के शासन की रक्षा करनी चाहिए। इसके साथ संप्रभु समानता, आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान जैसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों को बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और नियम सभी देशों पर बिना किसी दोहरे मापदंड के समान रूप से लागू होने चाहिए।
चिनफिंग ने घोषित कीं 5 प्रमुख पहल
ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से चिनफिंग ने पांच प्रमुख पहलों की घोषणा की। इसके तहत चीन ‘ब्रिक्स एआई ओपन-सोर्स कम्युनिटी’ स्थापित करने में नेतृत्व करेगा। इसमें बड़े भाषा मॉडलों (LLMs) के विकास, एआई प्रशिक्षण और ओपन इकोसिस्टम तैयार करने में सहयोग किया जाएगा।
इसके अलावा व्यापार और औद्योगिक समन्वय को आसान बनाने के लिए ‘ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) साझेदारी’ का प्रस्ताव रखा गया है। डिजिटल कौशल के विकास के लिए ‘ब्रिक्स डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म’ स्थापित करने की भी बात कही गई है।
चिनफिंग ने यह भी कहा कि चीन ब्रिक्स देशों में विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट फैक्ट्रियों के निर्माण में मदद करेगा। वहीं, इंजीनियरों की योग्यता को वैश्विक पहचान दिलाने और संयुक्त विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘ब्रिक्स इंजीनियर प्रशिक्षण गठबंधन’ बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
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