जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर भारत-मलेशिया में हुई चर्चा, अनवर इब्राहिम ने की पुष्टि

HIGHLIGHTS
- मलेशिया ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की बात कही।
- भारत ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध किया है।
- जाकिर नाइक 2016 से मलेशिया में रह रहा है।
नई दिल्ली। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पुष्टि की है कि भगोड़े इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा भारत के साथ हुई बातचीत में उठा था। यह चर्चा नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई।
अनवर इब्राहिम ने शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के बाद एनडीटीवी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में बताया कि क्या बैठक के दौरान जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर भी बातचीत हुई थी।
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने की पुष्टि
इस सवाल के जवाब में अनवर इब्राहिम ने कहा, "निजी चर्चाओं में निश्चित रूप से ये संवाद जारी रहते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हमने सोचा कि हमें इसे बहुत निजी रखना चाहिए ताकि दोनों देशों के हितों की रक्षा हो सके। लेकिन, निश्चित रूप से, हमने इसे हमारे देशों के बीच विश्वास और संबंधों को बनाने के लिए प्राथमिकता सूची में रखा।"
उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण के मुद्दे पर मलेशिया के लिए कानून के शासन को सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण की मांग को लेकर मलेशिया को कुछ समझ है, लेकिन इस मामले में बहुत सावधानी से आगे बढ़ना होगा। साथ ही उन्होंने कानून के शासन और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के महत्व का सम्मान करने की बात कही।
मलेशिया में रहता है जाकिर नाइक
विवादित भारतीय इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक फिलहाल मलेशिया में स्थायी निवासी के तौर पर रह रहा है। भारत में वह नफरत फैलाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में वांछित भगोड़ा है।
नाइक 2016 में मलेशिया चला गया था। उस समय भारतीय अधिकारियों ने उसके और उसके इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन तथा पीस टीवी नेटवर्क के खिलाफ जांच शुरू की थी। इसके बाद नाइक को मलेशिया में स्थायी निवास की अनुमति दी गई।
भारत की ओर से उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध किया जा चुका है। मलेशिया ने यह सुनिश्चित किया है कि वह स्थापित कानूनी माध्यमों के जरिए सहयोग करेगा।
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