पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद अपने राजनीतिक रुख को और स्पष्ट किया। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सम्मान समारोह में उन्होंने कहा कि जब लालू प्रसाद यादव कभी नहीं झुके, तो उनका बेटा भी किसी भी परिस्थिति में झुकने वाला नहीं है।
भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना
एसकेएम हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजद हमेशा विचारधारा आधारित राजनीति करती रही है और जनविरोधी कानूनों का संसद से लेकर सड़क तक विरोध करती रहेगी।
परिवार पर आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार पर लगातार मुकदमे दर्ज कर राजनीतिक बदलाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने लालू प्रसाद यादव के 1990 के रथ यात्रा रोकने के फैसले का उल्लेख करते हुए इसे संघर्ष की राजनीतिक परंपरा बताया।
अल्पसंख्यकों के समर्थन पर भरोसा
उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय से मिले समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ग ने हमेशा राजद को मजबूती दी है। साथ ही उन्होंने अपील की कि लोग एकजुट होकर राजनीतिक प्रतिनिधित्व को और मजबूत करें और भाजपा की नीतियों को चुनौती दें।
संविधान और विचारधारा को लेकर बयान
राजद नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली राजनीति के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना समय की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल का संदर्भ
तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए भाजपा की चुनावी रणनीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने हुमायूं कबीर मामले का जिक्र करते हुए सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई नेता
इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता डॉ. अनवर आलम ने की, जबकि संचालन मोहिबुल हसन हीरा ने किया। कार्यक्रम में अली अशरफ फातमी समेत कई नेताओं ने तेजस्वी यादव को सम्मानित किया और उनके नेतृत्व की सराहना की।
राजनीतिक संदेश का संकेत
तेजस्वी यादव के इस संबोधन को बिहार की राजनीति में एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उनके बयान से स्पष्ट है कि आने वाले समय में राजद विचारधारा और राजनीतिक मुद्दों पर अधिक आक्रामक रणनीति अपनाएगा।