दिल्ली: राजधानी में लगातार बढ़ती आग की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) ने अगले पांच वर्षों में 20 नए फायर स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है। इस कदम से आपातकालीन घटनाओं पर प्रतिक्रिया का समय कम होगा और शहरवासियों की सुरक्षा बेहतर होगी। हालांकि, इन स्टेशनों के लिए अभी तक स्थान तय नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि योजना का सीधा फायदा घनी आबादी वाले इलाकों, अनधिकृत कॉलोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों में मिलेगा, जहां आग की घटनाएं अक्सर गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं।
योजना के अनुसार हर साल चार नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे, ताकि विभाग पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है, लेकिन बजट का निर्धारण अभी बाकी है। फिलहाल दिल्ली में 66 फायर स्टेशन संचालित हैं, जिनमें करीब 250 दमकल वाहन शामिल हैं। राजधानी की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक जाम के कारण दमकल गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में अक्सर देरी होती है। नए स्टेशन इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नए फायर स्टेशनों के साथ-साथ अतिरिक्त दमकल कर्मियों की भर्ती पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग संसाधनों के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है। भविष्य में ऊंची इमारतों, बेसमेंट और संकरी गलियों में आग बुझाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण और नई तकनीकें लागू की जाएंगी। इससे प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी और आग से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा।
दिल्ली वासियों ने इस योजना का स्वागत किया है। हाल के वर्षों में आग की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल राजधानी को सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है, हालांकि योजना की सफलता का मुख्य आधार बजट और स्थान चयन होगा।