गोरखपुर। इंदौर में सामने आई हालिया घटना के बाद गोरखपुर के कई इलाकों में दूषित पेयजल की आपूर्ति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नगर निगम के प्रयासों के बावजूद शहर के कुछ हिस्सों में गंदा, बदबूदार और संदिग्ध पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल बन गया है।

रविवार को बसंतपुर और शिवाजी नगर वार्ड के सैकड़ों घरों में दूषित पानी आने की शिकायतें सामने आईं। बसंतपुर इलाके में लोगों ने पानी में कीड़े जैसी वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया। इस तरह के नजारे के बाद क्षेत्रवासियों में दहशत फैल गई और पानी के इस्तेमाल को लेकर आशंका बढ़ गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइन इस समस्या की मुख्य वजह बन रही है। बसंतपुर वार्ड में जेजे अस्पताल के आसपास स्थित कई घरों में रविवार को बेहद गंदा पानी पहुंचा। निवासियों के अनुसार, यह परेशानी कोई नई नहीं है और बीते कई दिनों से इसी तरह की दिक्कत बनी हुई है।

इलाके के रहने वाले रमेश सराफ और कमलेश वर्मा ने बताया कि पहले भी पानी की गुणवत्ता खराब रहती थी, लेकिन रविवार सुबह से उसमें कीड़े जैसी आकृतियां दिखने लगीं। वहीं संध्या पटवा और अजय कनौजिया का कहना है कि पानी से तेज दुर्गंध आ रही है और उसमें झाग भी बन रहा है, जिससे उसका उपयोग करना भी जोखिम भरा लग रहा है।

क्षेत्रीय पार्षद वृजेंद्र अग्रहरि ने स्वीकार किया कि वार्ड के कुछ हिस्सों में पाइपलाइन बेहद पुरानी और खराब हालत में है। उन्होंने बताया कि दक्षिणी हरिजन बस्ती, जेजे अस्पताल क्षेत्र और बसंत सराय के पीछे के इलाके में पाइपलाइन से जुड़ी समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बसंत सराय के पीछे की लाइन को बदलने का प्रस्ताव काफी समय से लंबित है, जिसके कारण हालात सुधर नहीं पा रहे हैं।