मुजफ्फरनगर। वर्ष 2026 मुजफ्फरनगर के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। जिले में चल रही विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे में सुधारों ने इसे निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं सचिव कुंवर बहादुर सिंह के प्रयासों से इस बार जिले में रियल एस्टेट में कुल 3,619 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है।

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC-5) के तहत न्यूमैक्स अकेले 3,000 करोड़ रुपये निवेश करने जा रही है, जबकि अन्य रियल एस्टेट निवेशक 619 करोड़ रुपये के निवेश में शामिल हैं। इस मौके पर न्यूमैक्स ने अपनी महत्वाकांक्षी एकीकृत टाउनशिप परियोजना की घोषणा की है, जो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पास विकसित की जाएगी। इस परियोजना में लग्जरी विला, आधुनिक अपार्टमेंट, वाणिज्यिक केंद्र, स्कूल और अस्पताल शामिल होंगे।

इसके अलावा न्यू गोकुल सिटी इंटरप्राइजेज, वसुंधरा और देवभूमि जैसी कंपनियां पुराने और नए कॉलोनियों में विस्तार के लिए निवेश की योजना बना रही हैं। जिले में कुल निवेश लक्ष्य 5,000 करोड़ रुपये रखा गया है, जिसमें अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित हो चुका है।

कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास का असर:

  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के संचालन ने मुजफ्फरनगर को दिल्ली से करीब कर दिया है। इसके कारण एनसीआर के बिल्डर्स और बाहरी निवेशक यहां आवासीय परियोजनाओं को लॉन्च कर रहे हैं। द्वारिका बालाजी फेज 4 और वेदांत एस्टेट जैसी बड़ी योजनाएं 2026-27 तक पूरी होने की राह पर हैं।

  • जिले में बायोगैस, स्टील और पेपर मिलों जैसे औद्योगिक निवेश से आवासीय भूमि की मांग बढ़ी है। नए उद्योगों से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे रेंटल मार्केट और घरों की बिक्री में 25-30% की वृद्धि दर्ज की गई है।

कुंवर बहादुर सिंह, सचिव मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने कहा, “न्यूमैक्स द्वारा 3,000 करोड़ का निवेश अंतिम चरण में है। एमओयू जल्द ही साइन होने वाला है। इसके अलावा अन्य निवेशक भी सामने आ रहे हैं। हमारा प्रयास है कि जनपद में रियल एस्टेट निवेश को और बढ़ाया जाए और शासन-प्रशासन स्तर पर निवेशकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।”