मुजफ्फरनगर। पीनना क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई सड़क में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने सोमवार को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। प्रशासन की ओर से हस्तक्षेप किए जाने के बाद पांचवें दिन उनकी भूख हड़ताल खत्म कराई गई।
कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे इस धरने पर सोमवार दोपहर एडीएम वित्त एवं राजस्व गजेंद्र सिंह पहुंचे और सुमित मलिक से वार्ता की। उन्होंने सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद सुमित मलिक को नारियल पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया।
सुमित मलिक ने आरोप लगाया था कि पीनना क्षेत्र के बुढ़ीना खर्दु गांव में सिंचाई विभाग द्वारा हाल ही में बनाई गई सड़क बेहद घटिया गुणवत्ता की है और कुछ ही समय में उखड़ने लगी है। उन्होंने इस संबंध में विभाग के अधिशासी अभियंता को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी के विरोध में वह पांच दिन पहले कलेक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।
पांच दिनों से अनशन पर रहने के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। एडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी, जिसमें निर्माण कार्य में खामियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर कुश्ती कोच जितेंद्र सिंह, सुनीता मलिक सहित कई लोग मौजूद रहे।