अन्नपूर्णा मार्ग स्थित माघ मेले के एक शिविर में आग लगने से सरायइनायत थाना क्षेत्र के लीलापुर कलां निवासी 22 वर्षीय मानस मिश्रा की झुलसकर मौत हो गई। मानस, मुजफ्फरनगर में तैनात डीएम उमेश मिश्रा के रिश्ते में भतीजा थे। यह मेला क्षेत्र में तीन दिनों में तीसरी बार आग लगने की घटना है।
जानकारी के अनुसार, मानस के चाचा योगेश मिश्र की संस्था शिव धर्मार्थ ने प्रयागराज के हनुमानगंज सेक्टर-पांच में मेले के लिए शिविर लगाया था। देर रात अचानक आग लग गई और धुआं व लपटें फैलने लगीं। मेला क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। सूचना पाकर अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन मानस आग की चपेट में आ गए। उन्हें एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार सुबह करीब छह बजे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, आग के कारण मानस का शरीर लगभग 90 प्रतिशत तक जल गया था। परिजनों ने बताया कि मानस दो भाइयों में सबसे बड़ा था और झूंसी स्थित एक शराब के गोदाम में अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था। उनकी शादी नहीं हुई थी और उनके पिता मदन मिश्र आठ साल पहले ही बीमारी के कारण मृत्यु हो चुके थे।
मानस का शव लीलापुर कलां पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। मां केतकी मिश्रा रो-रोकर बेहाल हो गईं और बार-बार बेटे को याद कर अचेत होने लगीं। गांव की महिलाएं उन्हें सांत्वना देती रहीं। चाचा योगेश मिश्र ने कहा कि मानस होनहार और मेहनती लड़का था। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी माघ मेला अनिमेष सिंह ने बताया कि आग की शुरुआत दीये की लौ से हुई होने की संभावना है और मामले की जांच जारी है।