मंसूरपुर। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को दंपती और उनकी मासूम बेटी के शव गांव जडौदा पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। एक साथ तीन जनाजे/अर्थियां देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शोक में डूबे गांव में हर आंख नम थी और सन्नाटा पसरा रहा। शवों को कुछ समय के लिए घर पर रखा गया, इसके बाद भारी मन से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं।
हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है। सोमवार को भी अधिकांश घरों में चूल्हे नहीं जले। आसपास के ग्रामीण और रिश्तेदार शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए।
जानकारी के अनुसार रविवार देर शाम सोनू अपनी पत्नी राधिका, बेटी रिया और बेटे काला के साथ बाइक से जानसठ रोड होते हुए गांव जडौदा लौट रहे थे। इसी दौरान फ्लाईओवर कट के पास उनकी तेज रफ्तार बाइक आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोनू, उनकी पत्नी राधिका और बेटी रिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
सोमवार को मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर बाद जब तीनों शव गांव पहुंचे तो परिजनों का दुख और गहरा गया। पिता, मां और भाई को बिलखता देख वहां मौजूद लोग भी खुद को संभाल नहीं सके। महिलाओं का करुण रुदन माहौल को और भावुक बना गया।
अंतिम विदाई के लिए दंपती और बेटी के शव श्मशान घाट ले जाए गए। पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि दस वर्षीय रिया को परंपरा के अनुसार मिट्टी दी गई। पूरे दिन गांव में इसी दर्दनाक हादसे की चर्चा होती रही और हर कोई परिवार के टूटे हुए सपनों को याद कर भावुक नजर आया।