सहारनपुर जिले में पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर पूरी तरह महसूस किया जा रहा है। बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस सर्दी मौसम का अब तक का सबसे कम स्तर है। वहीं, अधिकतम तापमान भी शनिवार की तुलना में पांच डिग्री कम होकर 12 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे रविवार इस सत्र का सबसे ठंडा दिन बन गया।
जनपद में 15 दिसंबर के बाद से लगातार सर्द हवाओं का प्रकोप बना हुआ है। घने कोहरे और शीतलहर के चलते न्यूनतम तापमान 4.5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच लगातार बना हुआ है। शनिवार को दिनभर हल्की धूप रही, लेकिन रविवार की सुबह घना कोहरा छा गया। देहात में दृश्यता सिर्फ 100 मीटर तक सीमित रही, जबकि शहरों में थोड़ा बेहतर था। लोगों ने सुबह-सुबह शीतलहर की वजह से कांपते हुए देखा गया।
अधिकतम तापमान में गिरावट के कारण दिनभर लोगों को ठंड का सामना करना पड़ा। बाजारों में भीड़ सामान्य से कम रही। दोपहर करीब तीन बजे कोहरा कुछ हद तक छंटा और हल्की धूप निकली, लेकिन मौसम में ठंडक में कोई विशेष राहत नहीं मिली। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण यह ठंडी हवा मैदानी इलाकों तक पहुंच रही है और शीतलहर पैदा कर रही है। मौसम विभाग ने सोमवार को सुबह कोहरा और दोपहर हल्की धूप के आसार जताए हैं।
बीते सात दिनों का तापमान
| तिथि | न्यूनतम (°C) | अधिकतम (°C) |
|---|---|---|
| 11 जनवरी | 4 | 12 |
| 10 जनवरी | 6 | 17 |
| 9 जनवरी | 4.5 | 15.5 |
| 8 जनवरी | 5 | 16 |
| 7 जनवरी | 4.5 | 15.5 |
| 6 जनवरी | 5 | 15.6 |
| 5 जनवरी | 6 | 15 |
दिल और सांस के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल वोहरा ने चेतावनी दी कि अत्यधिक ठंड सभी के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है, लेकिन दिल और सांस की समस्याओं वाले लोग विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिल के मरीजों को सुबह 4 से 10 बजे तक घर में ही रहने की सलाह है। वहीं, दमा और सांस की समस्याओं वाले लोग अपने इन्हेलर हमेशा साथ रखें ताकि जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके।