मुजफ्फरनगर। जनपद के व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। एक जनवरी 2026 से अब वाहनों की फिटनेस ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के माध्यम से ही होगी। इसके तहत मुजफ्फरनगर के पंजीकृत वाहनों को फिटनेस कराने के लिए अब लगभग 60 किलोमीटर दूर बिजनौर स्थित टेस्टिंग सेंटर तक जाना होगा।

अब तक जिले में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस मैनुअल प्रणाली के तहत संपन्न होती थी। संभागीय निरीक्षक वाहन की जांच करते थे और प्रमाण-पत्र जारी करते थे। इसमें ई-रिक्शा, ट्रक, बस, ट्रैक्टर और टाटा मैजिक जैसे वाहन शामिल थे।

परिवहन मंत्रालय ने नई गाइडलाइन के अनुसार मैनुअल जांच को बंद कर दिया है। इसके तहत सिर्फ ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर वाहन की फिटनेस की जांच की जाएगी। प्रदेश परिवहन आयुक्त ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है।

ट्रांसपोर्टर्स और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ीं

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) स्तर पर अब वाहन फिटनेस की जांच नहीं हो पाएगी, जिससे चालक और ट्रांसपोर्ट मालिकों को समय और अतिरिक्त खर्च झेलना पड़ेगा। वाहन चलाकर सेंटर तक पहुंचने में फ्यूल और टोल खर्च बढ़ जाएगा। बिजनौर सीमा के पास पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर पड़ने वाले टोल का अतिरिक्त बोझ भी उठाना पड़ेगा।

मुजफ्फरनगर ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने परिवहन आयुक्त और मंत्रालय को शिकायत भेजकर इस फैसले से होने वाली कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया है।

एआरटीओ प्रशासन के अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि वाहनों की फिटनेस संबंधित प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, लेकिन मुजफ्फरनगर के वाहनों को बिजनौर जाना है। इसका लिखित में अभी आदेश नहीं मिल सका है। अभी तक वाहनों की फिटनेस कार्यालय पर कराई जाती है। व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस को लेकर यह निर्णय है।