मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड से जुड़े मामलों की सुनवाई के क्रम में अदालत ने सरकार बनाम राधा मोहन द्विवेदी प्रकरण में पत्रावली की फोटोकॉपी को लेकर सीबीआई को अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी को तय की गई है।
इसी प्रकरण से जुड़े सरकार बनाम ब्रज किशोर मामले में बचाव पक्ष की ओर से दलीलें जारी रहीं, जबकि सरकार बनाम एस.पी. मिश्रा मामले में किसी कारणवश सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने इन दोनों मामलों में अगली तारीख 6 फरवरी निर्धारित की है।
गौरतलब है कि 1 अक्टूबर 1994 को अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने रामपुर तिराहे पर रोक लिया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था, जिसके बाद पुलिस पर महिलाओं से दुर्व्यवहार और गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने इस घटना से जुड़े सात अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए थे। उत्तराखंड संघर्ष समिति के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग वर्मा ने बताया कि ताजा सुनवाई में अदालत ने दस्तावेजों से संबंधित आपत्तियों पर सीबीआई को जवाब देने का अवसर दिया है और निर्धारित तिथियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।