बागपत में एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होंगे 1.50 लाख उपभोक्ता, सरकारी आवासों से होगी शुरुआत

HIGHLIGHTS
- बागपत में सरकारी आवासों के एलपीजी गैस कनेक्शन को पीएनजी में बदलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
- जिले के करीब 1.50 लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर लाने की योजना बनाई जा रही है।
- जिन उपभोक्ताओं के पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं, उनके एलपीजी कनेक्शन बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बागपत। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद सरकार वैकल्पिक व्यवस्था पर तेजी से काम कर रही है।
इसी के तहत सरकारी आवासों में रहने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में एलपीजी गैस कनेक्शन को पीएनजी (पाइप्ड नैचुरल गैस) में बदलने की तैयारी की जा रही है। सरकारी कर्मियों के अलावा जिले के करीब 1.50 लाख उपभोक्ताओं को भी पीएनजी गैस से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने सभी विभागों के जिला, तहसील और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ नगर निकायों के अधिकारियों को शासनादेश की जानकारी लिखित रूप से दी है। इसमें भोजन बनाने के लिए एलपीजी गैस पर निर्भरता कम करने और पीएनजी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी राजकीय और अराजकीय आवासों में एलपीजी गैस की जगह पीएनजी का इस्तेमाल शुरू कराने और शासनादेश का पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। बागपत जिले में करीब 15 हजार स्थायी, मानदेय और आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं।
एलपीजी कनेक्शन बंद कराने के निर्देश
जिला आपूर्ति अधिकारी विकास कुमार ने गैस कंपनियों के फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन उपभोक्ताओं के पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं, उनके एलपीजी कनेक्शन बंद कराए जाएं।
इसके अलावा जिला आपूर्ति निरीक्षकों और थिंक गैस कंपनी के रीजनल हेड को उपभोक्ताओं को जागरूक कर पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सभी 1.50 लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर लाने की योजना है।
इन क्षेत्रों में अभी उपलब्ध है पीएनजी सुविधा
हालांकि जिले के सभी गांवों और कस्बों में अभी तक पीएनजी की पाइपलाइन नहीं पहुंची है। फिलहाल बागपत, बड़ौत और खेकड़ा कस्बों में ही पीएनजी लाइन बिछी हुई है। लेकिन सरकार की तेजी को देखते हुए जल्द ही अन्य क्षेत्रों में भी पीएनजी लाइन पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
पीएनजी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भविष्य में एलपीजी सिलेंडर की कमी या संकट की स्थिति में लोगों को सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
बता दें कि आपूर्ति विभाग इससे पहले भी 1200 ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर चुका है, जिनके पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन थे। विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं से एलपीजी कनेक्शन बंद कराने के लिए कहा था।
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