कांवड़ यात्रा में दिखा अनोखा भाईचारा! मनोज-असलम साथ लाए गंगाजल, बड़ौत में हुआ भव्य स्वागत

HIGHLIGHTS
- दोनों दोस्त हरियाणा के खरखौदा से साथ हरिद्वार गए और गंगाजल लेकर लौटे।
- दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर स्थानीय लोगों ने दोनों का स्वागत किया।
- स्वागत के दौरान ड्रोन से फूल बरसाए गए और लोगों ने दोनों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
बड़ौत। सावन में जारी कांवड़ यात्रा के दौरान अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़ौत में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल सामने आई। हरियाणा के खरखौदा निवासी मनोज और असलम ने साथ मिलकर हरिद्वार से कांवड़ लाई। दोनों दोस्त हैं, साथ काम करते हैं और एक साथ रहते हैं।
मनोज और असलम ने मिलकर हरिद्वार से गंगाजल लाने का निर्णय लिया। दोनों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के जरिए समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी एकता का संदेश देने का उद्देश्य है।
बड़ौत में किया गया भव्य स्वागत
कांवड़ लेकर बड़ौत पहुंचे मनोज और असलम का दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वागत किया। दोनों कांवड़ियों को फूल-मालाएं पहनाई गईं और यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गईं। स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
दोनों दोस्तों को एक साथ कांवड़ लेकर आते देखकर लोगों में भी उत्साह नजर आया।
ड्रोन से हुई पुष्पवर्षा
स्वागत कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने ड्रोन के जरिए कांवड़ियों पर फूल बरसाए। आसमान से पुष्पवर्षा के बीच दोनों कांवड़ियों का स्वागत किया गया। इस दौरान माहौल में उत्साह के साथ भाईचारे की झलक भी देखने को मिली।
लोगों ने दोनों कांवड़ियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनकी यात्रा सफल होने की कामना की।
भाईचारे का संदेश देने की कोशिश
कलाम खिदमत ट्रस्ट के अध्यक्ष शोएब अली ने कहा कि मनोज और असलम ने एक साथ कांवड़ लाकर समाज को भाईचारे का संदेश देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में प्रेम और आपसी सौहार्द को मजबूत करते हैं।
इस मौके पर महताब अल्वी, सुहेब अली, एडवोकेट इरफान राणा, जुल्फाम कस्सार, मोहम्मद हासिम अली, मोहम्मद उजैर और डॉ. आलम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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