अंबेडकरनगर एनकाउंटर: छैमार गैंग का ₹1 लाख का इनामी बदमाश विक्की ढेर, 12 साल से था फरार

HIGHLIGHTS
- अंबेडकरनगर में एसटीएफ मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी छैमार गैंग का बदमाश विक्की उर्फ आसिम अली मारा गया, जो 12 साल से फरार था।
- विक्की पर हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट समेत 21 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिसमें जौनपुर का ट्रिपल मर्डर केस भी शामिल था।
- मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ और बदमाशों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हुआ और मौके से हथियार व अन्य सामान बरामद किए गए।
अंबेडकरनगर में एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया एक लाख रुपये का इनामी बदमाश विक्की उर्फ आसिम अली उर्फ नक्शे हसन उर्फ पेंदा लंबे समय से पुलिस की तलाश में था। वह कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र के मकनपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा था और अंतरराज्यीय छैमार गिरोह का सक्रिय सदस्य था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अप्रैल 2014 से वह फरार चल रहा था।
विक्की पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों समेत हरियाणा में गंभीर अपराधों के 21 मुकदमे दर्ज थे। इनमें हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे मामले शामिल हैं। जौनपुर में वर्ष 2014 में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में भी वह पुलिस को वांछित था।
जौनपुर डकैती और तीन हत्याओं का था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, 23 अप्रैल 2014 को विक्की ने अपने साथियों के साथ जौनपुर के शाहगंज इलाके में एक घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से ही विक्की पुलिस की नजरों में था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
इसके अलावा कानपुर देहात, लखनऊ, सुल्तानपुर, फतेहपुर, बाराबंकी, प्रयागराज, कौशांबी और अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे।
एसटीएफ से मुठभेड़ में हुआ ढेर
एसटीएफ नोएडा यूनिट को सूचना मिली थी कि छैमार गैंग से जुड़े कुछ बदमाश अंबेडकरनगर के टांडा क्षेत्र में सक्रिय हैं। इसी सूचना के आधार पर टीम ने बेवाना क्षेत्र में अभियान चलाया।
कुशालपुर गांव के पास बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में विक्की गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, घायल विक्की को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में एसटीएफ का एक जवान भी घायल हुआ है। मौके से पुलिस ने हथियार, कारतूस, खोखे, एक बैग और बाइक बरामद की है।
छैमार गैंग से जुड़ा था विक्की
पुलिस के अनुसार, विक्की छैमार गिरोह का कुख्यात सदस्य था। यह गिरोह लंबे समय से चोरी, डकैती और अन्य संगीन वारदातों के लिए जाना जाता रहा है। बताया जाता है कि गिरोह के सरगना फाती उर्फ कदीम उर्फ पहलवान के संपर्क में आने के बाद विक्की अपराध की दुनिया में सक्रिय हुआ।
वर्ष 2006 में उसे मादक पदार्थ तस्करी के मामले में लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल से बाहर आने के बाद वह गिरोह के साथ जुड़ गया और कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा।
मकनपुर आता था, लेकिन पहचान छिपाकर
मकनपुर गांव के स्थानीय लोगों का कहना है कि विक्की का लंबे समय से गांव से कोई सीधा संपर्क नहीं था। हालांकि, यहां लगने वाले मेलों के दौरान वह कभी-कभी भेष बदलकर आता था और दरगाह पर चादर चढ़ाकर वापस चला जाता था।
ग्रामीणों के अनुसार, बहुत कम लोग ही उसे पहचान पाते थे। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस कई बार उसकी तलाश में गांव पहुंची, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसका कोई स्पष्ट विवरण नहीं मिला।
पोस्टमार्टम के बाद होगी शव की सुपुर्दगी
मुठभेड़ में मारे गए विक्की के शव का पोस्टमार्टम राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
इस मामले में एसटीएफ इंस्पेक्टर की शिकायत पर बेवाना थाने में जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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