मुंबई में गणेश विसर्जन का भावुक नजारा, गिरगांव चौपाटी पर उमड़ी भारी भीड़

HIGHLIGHTS
- प्रमुख प्रतिमाओं की यात्राएं 21 घंटे से अधिक समय तक चलीं।
- लालबागचा राजा का विसर्जन सुबह करीब 10:50 बजे किया गया।
- चिंचपोकलीचा चिंतामणि की प्रतिमा का विसर्जन करीब 10 बजे हुआ।
मुंबई के गिरगांव चौपाटी पर शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोग जुटे। भावुक माहौल के बीच लालबागचा राजा और चिंचपोकलीचा चिंतामणि समेत प्रसिद्ध गणेश प्रतिमाओं का समुद्र में विसर्जन किया गया। इन प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं 21 घंटे से अधिक समय तक चलीं।
कब शुरू हुईं विसर्जन यात्राएं?
शहरभर में गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं शुक्रवार सुबह अनंत चतुर्दशी से शुरू हुईं। 12 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के अंतिम दिन शुरू हुईं ये यात्राएं पूरी रात जारी रहीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिमाओं के साथ विसर्जन यात्रा में शामिल हुए।
कब हुआ प्रमुख प्रतिमाओं का विसर्जन?
लालबागचा राजा की प्रतिमा का विसर्जन शनिवार सुबह करीब 10:50 बजे भारी भीड़ के बीच अरब सागर में किया गया। पारंपरिक पूजा और आरती के बाद प्रतिमा को एक बड़े बार्ज पर रखा गया। इसके बाद स्थानीय मछुआरों और श्रद्धालुओं की मदद से इसे समुद्र के गहरे पानी में ले जाकर विसर्जित किया गया।
उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी भी विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। उत्सव के दौरान वह कई बार लालबागचा राजा के पंडाल पहुंचे थे। विसर्जन के समय वह नाव पर मौजूद रहे।
अन्य प्रमुख प्रतिमाओं में चिंचपोकलीचा चिंतामणि का विसर्जन सुबह करीब 10 बजे किया गया। इसके बाद लालबाग के बाल गणेश मंडल की बल्लालेश्वर प्रतिमा का विसर्जन करीब 11 बजे हुआ।
विसर्जन के लिए कितने जवान तैनात किए गए?
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मुंबई में अधिकांश विसर्जन यात्राएं पूरी हो चुकी थीं, लेकिन शनिवार दोपहर तक शहर के अलग-अलग समुद्र तटों पर कुछ बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन बाकी था।
सुरक्षित विसर्जन के लिए मुंबई पुलिस ने 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों और 383 कृत्रिम तालाबों पर 24,000 से अधिक जवानों को तैनात किया था।
वहीं, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की ओर से 25,000 कर्मचारियों के अलावा लाइफगार्ड, मेडिकल टीमें और भारी क्रेनें भी तैनात की गई थीं। 12 दिन तक चले गणेश उत्सव के समापन के साथ ही नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने विसर्जन स्थलों और मुख्य विसर्जन मार्गों पर सफाई का काम शुरू कर दिया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.