आजमगढ़ से AQIS का आतंकी मोहम्मद नबील गिरफ्तार, युवाओं को जोड़ने की रच रहा था साजिश

HIGHLIGHTS
- एटीएस के मुताबिक नबील सोशल मीडिया पर AQIS की विचारधारा का प्रचार कर रहा था।
- जांच में एक व्हाट्सएप ग्रुप और उसमें इस्तेमाल किए जा रहे अलग-अलग कोड की जानकारी सामने आई।
- एटीएस ने नबील के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगने की बात कही है।
यूपी एटीएस ने शनिवार को आजमगढ़ से आतंकी संगठन अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया। महमूरपुर के ग्राम चितारा निवासी नबील पर सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर अन्य लोगों के साथ मिलकर देश विरोधी गतिविधियों की साजिश रचने का आरोप है।
बताया गया कि नबील अलकायदा आतंकी अनवर उल अवलाकी की विचारधारा से प्रभावित था। वह युवाओं को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए अपने साथ जोड़कर मुजाहिद बनने के लिए तैयार करने तथा इसके लिए धन जुटाने और अत्याधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण हासिल करने की योजना बना रहा था। उसके बनाए ग्रुप में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के अलावा विदेशी लोग भी जुड़े हुए थे।
एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, एटीएस को सूचना मिली थी कि मोहम्मद नबील AQIS की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहा है और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल है। वह सोशल मीडिया के इंक्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स पर ग्रुप बनाकर युवाओं को जोड़ता था और उन्हें जिहाद के लिए तैयार करने के साथ धन जुटाने की योजना पर काम कर रहा था।
एटीएस ने अपने थाने में नबील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और इसके बाद उसे आजमगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान प्रतिबंधित आतंकी संगठन AQIS की विचारधारा को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रचारित किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा, अरबी भाषा में "ला गालिब-इल्लल्लाह" नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने की बात भी सामने आई।
नबील इस ग्रुप में शामिल सदस्यों को मुजाहिद कहकर संबोधित करता था। जिहाद, चाकू, केमिकल और प्लान जैसी बातों के लिए ट्रिप, पेन, जूस और प्रोजेक्ट जैसे कोड इस्तेमाल किए जाते थे। ग्रुप में नबील ने अलकायदा आतंकी अनवर उल अवलाकी की लिखी किताब "जेहाद करने के 44 तरीके" भी शेयर की और सभी मुजाहिदीन से इसे पढ़ने की अपील की। इसके अलावा AQIS के पूर्व प्रमुख और आतंकी मौलाना आसिम उमर की किताब 'तीसरी जंग-ए-अज़ीम और दज्जाल' भी शेयर की गई।
व्हाट्सएप ग्रुप में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग
मोहम्मद नबील व्हाट्सएप पर 'फ्लेम्स ऑफ वॉर' समेत कई अन्य ग्रुप्स में भी जुड़ा हुआ था। इन ग्रुप्स में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब समेत अन्य जगहों के लोग जुड़े थे। इन ग्रुप्स के जरिए प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा की विचारधारा का प्रचार किया जा रहा था।
नबील पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर अपने मकसद के लिए ट्रेनिंग लेने और बम आदि बनाने की तैयारी कर रहा था। वह बम बनाने की विधि से जुड़े वीडियो और पोटैशियम नाइट्रेट हासिल करने से संबंधित बातें भी करता था। साथियों के साथ वह वक्त आने पर पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत में गजवा-ए-हिन्द करने की योजना पर भी चर्चा कर रहा था।
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