फिल्म अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के चचेरे भाई-चाची को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक

HIGHLIGHTS
- जय सिंह और गायत्री देवी ने अलीगढ़ में दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।
- याचियों की ओर से बताया गया कि दोनों स्वीडन के नागरिक हैं।
- अभिनेता ने पुश्तैनी जमीन और हवेली को लेकर फर्जी वसीयत तैयार करने का आरोप लगाया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई अभिमन्यु की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में उनके चचेरे भाई जय सिंह और चाची गायत्री देवी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और वादी पक्ष से जवाब भी मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सीडी सिंह और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने जय सिंह और गायत्री देवी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में अलीगढ़ में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई थी।
चंद्रचूड़ सिंह की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके दादा की फर्जी वसीयत तैयार कर चचेरे भाई जय सिंह, चाची गायत्री देवी और अन्य लोगों ने पारिवारिक संपत्ति पर कब्जा कर लिया। इन्हीं आरोपों के आधार पर अलीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद जय सिंह और गायत्री देवी ने गिरफ्तारी से राहत की मांग को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया। याचियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दोनों स्वीडन के नागरिक हैं। मामले को प्रथम दृष्टया देखते हुए हाईकोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगाई और राज्य सरकार तथा वादी पक्ष को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
हवेली जलालपुर एस्टेट से जुड़ा है संपत्ति विवाद
फिल्म अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके परिवार के बीच संपत्ति को लेकर विवाद हवेली जलालपुर एस्टेट से जुड़ा हुआ है। अभिनेता और उनके भाई अभिमन्यु सिंह का आरोप है कि उनकी चाची और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर करोड़ों रुपये की पुश्तैनी कृषि भूमि और ऐतिहासिक हवेली को हड़पने तथा अवैध तरीके से बेचने की कोशिश की।
उनका आरोप है कि उनके दादा के नाम से एक फर्जी और अपंजीकृत वसीयत तैयार की गई। अभिनेता और उनकी मां इससे पहले डीएम और एसएसपी से मुलाकात कर न्याय की गुहार भी लगा चुके हैं।
अभिनेता का दावा- दादाजी वसीयत बनाने की स्थिति में नहीं थे
फिल्म अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि को अवैध तरीके से बेच दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है, जिसने 30 साल तक उनके परिवार का पालन-पोषण किया।
अभिनेता के मुताबिक, उनके दादाजी हरेंद्र पाल सिंह अलीगढ़ में गंभीर रूप से बीमार थे और उस समय वह वसीयत बनाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थे। उन्होंने बताया कि उनकी बुआ इस बात की मुख्य गवाह हैं।
चंद्रचूड़ सिंह ने आरोप लगाया कि दादाजी की मौत के बाद उनके चाचा और चाची ने मिलकर एक फर्जी और अवैध वसीयत तैयार की। इसी कथित फर्जीवाड़े के आधार पर बहुमूल्य संपत्ति को हड़पने और बेचने का प्रयास किया गया।
अभिनेता ने कहा कि फिलहाल सात लोगों के नाम दिए गए हैं, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसमें और भी कई नाम सामने आ सकते हैं। इन लोगों पर जमीन बेचने, साजिश रचने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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