असम में बाढ़ की CBI जांच की तैयारी, बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई

HIGHLIGHTS
- असम सरकार ने शिवसागर और चराइदेव जिलों में आई भीषण बाढ़ की सीबीआई जांच कराने का फैसला किया है।
- अगले 10 दिनों के भीतर राज्य सरकार केंद्र को पत्र भेजेगी।
- मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
असम सरकार ने इस साल शिवसागर और चराइदेव जिलों में आई भीषण बाढ़ के कारणों का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य सरकार अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को पत्र भेजेगी। वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि एक से अधिक शादी करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है। यह प्रावधान सभी धर्मों के कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा।
10 दिन के अंदर केंद्र को भेजा जाएगा पत्र
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार शिवसागर और चराइदेव जिलों में आई बाढ़ की वास्तविक वजह जानना चाहती है। इसके लिए 10 दिनों के भीतर केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा। हालांकि, सीबीआई जांच कराने का अंतिम निर्णय केंद्र सरकार को ही लेना है।
बाढ़ से असम में भारी तबाही, 108 लोगों की मौत
इस साल असम में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ। पूर्वी असम में दिक्खौ नदी के उफान के चलते चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिले बुरी तरह प्रभावित हुए। राज्य में बाढ़ के कारण कम से कम 108 लोगों की मौत हुई।
इस आपदा में घरों, स्कूलों, सड़कों, तटबंधों, पशुशालाओं, मछली पालन केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी काफी नुकसान पहुंचा। अब राज्य सरकार इन इलाकों में आई भीषण बाढ़ के पीछे की मुख्य वजह का पता लगाना चाहती है।
बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी
कैबिनेट की बैठक में असम सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा और अनुशासन नियमों में बदलाव को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नियमों में एक नया प्रावधान शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह यानी एक से अधिक शादी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है। इसके अलावा, ऐसे कर्मचारी के भविष्य में सरकारी नौकरी पाने पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
सभी धर्मों के सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा नियम
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि बहुविवाह से जुड़ा यह नियम हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सहित सभी धर्मों के सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा। इसके लिए असम सेवा एवं अनुशासन नियम के नियम 7 में क्लॉज 6 जोड़ा गया है। सरकार के मुताबिक, इस प्रावधान का उद्देश्य सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए समान अनुशासन व्यवस्था लागू करना है।
UCC लागू करने की तैयारी भी तेज
गौरतलब है कि असम विधानसभा ने 27 मई को समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित विधेयक पारित किया था। इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और लिव-इन संबंधों से जुड़े मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है।
इसके बाद 13 अक्टूबर को गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी ने जानकारी दी थी कि विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है। राज्य सरकार इस कानून को लागू करने के लिए जरूरी नियम तैयार करने के उद्देश्य से एक समिति का गठन भी कर चुकी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.