खौफ में कातिल बने जीजा-साला: गिरफ्तारी के बाद खोला हत्या का राज, कार-हथियार बरामद

HIGHLIGHTS
- हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस ने तीन टीमें लगाई थीं।
- नाजिम और शाहवेज के नाम जांच के दौरान सामने आए।
- दोनों को भैंसानी पुल के नीचे चेकिंग के दौरान पकड़ा गया।
मुजफ्फरनगर के पुरकाजी में प्रधान पुत्र रोहन राठी हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से रोहन की बाइक, स्मार्टवॉच, एप्पल मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही टोयोटा कोरोला एल्टिस कार और हथियार बरामद किए गए हैं।
शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे SSP संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। इस दौरान एसपी सिटी अमृत जैन और सीओ सदर सुनील कुमार भी मौजूद रहे।
24 सितंबर को जंगल में मिला था रोहन का शव
रोहन राठी का शव 24 सितंबर को पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरेटी गांव के जंगल में मिला था। घटना की सूचना मिलने के बाद SSP ने खुद मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। मामले की जांच और खुलासे के लिए तीन पुलिस टीमों को लगाया गया था।
जांच के दौरान पुलिस के मुताबिक नाजिम और शाहवेज के नाम सामने आए। दोनों को 24/25 सितंबर की रात भैंसानी पुल के नीचे चेकिंग के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों से बाइक, मोबाइल और स्मार्टवॉच बरामद
SSP के अनुसार, नाजिम और शाहवेज के कब्जे से रोहन की आरवन-5 मोटरसाइकिल, स्मार्टवॉच और एप्पल कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ है। इसके अलावा टोयोटा कोरोला एल्टिस कार भी मिली है, जिसे पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल होना बताया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचे, 315 बोर के पांच जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस भी बरामद किए हैं। इसके साथ ही 1,050 रुपये भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस का दावा- टक्कर के बाद घटनास्थल पर लौटे आरोपी
SSP के मुताबिक, पूछताछ में नाजिम ने घटना से जुड़े कई तथ्य बताए हैं। पुलिस का कहना है कि नाजिम अपनी ससुराल जहीरपुर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी रोहन से टक्कर हो गई। इसके बाद वह अपने साले शाहवेज के साथ दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर रोहन की पहचान सामने आने के बाद दोनों ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग का दावा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की तलाश के दौरान भैंसानी पुल के नीचे एक संदिग्ध कार और बाइक को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों ने वाहन मोड़कर भागने की कोशिश की और इसके बाद पुलिस टीम पर फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई में नाजिम और शाहवेज घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया।
डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच
पुलिस के अनुसार, रोहन की बाइक और मोबाइल का आरोपियों के कब्जे से मिलना जांच में महत्वपूर्ण कड़ी है। वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही कार की बरामदगी से भी पुलिस घटना के क्रम को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
पुलिस अब बरामद मोबाइल और अन्य सामान से जुड़े डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले और बाद में आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में थे।
परिजन पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं
वहीं, रोहन राठी के परिजनों ने पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वे पुलिस की ओर से किए गए खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों ने इस दावे पर भी सवाल उठाया है कि हादसे के बाद रोहन की पहचान सामने आने के डर से उसकी हत्या की गई।
परिजनों के अनुसार, उन्हें हत्या की यह वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं लग रही है और वे जांच को लेकर सवाल उठा रहे हैं। शुक्रवार सुबह भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी समेत कई लोग SSP और SP सिटी से मिले और अपनी आपत्तियां सामने रखीं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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