पुरकाजी में रोहन राठी के समर्थन में कैंडल मार्च, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

HIGHLIGHTS
- मार्च में बड़ी संख्या में युवा और क्षेत्रवासी शामिल हुए।
- लोग पुरकाजी बस स्टैंड से सूली वाले बाग तक पहुंचे।
- मार्च के दौरान रोहन राठी के समर्थन में नारे लगाए गए।
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी में रोहन राठी हत्याकांड को लेकर बुधवार देर शाम करीब 8 बजे लोगों का आक्रोश सड़क पर नजर आया। मामले में शामिल बताए जा रहे ‘तीसरे’ व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में युवाओं और क्षेत्रवासियों ने कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोग पुरकाजी बस स्टैंड से सूली वाले बाग तक पहुंचे। इस दौरान पूरे रास्ते “रोहन राठी अमर रहे” और “असली हत्यारों को गिरफ्तार करो” के नारे लगाए गए।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हत्याकांड से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए फ्लैक्स बोर्ड पर भी “असली हत्यारों को गिरफ्तार करो” लिखा हुआ था। लोगों का कहना था कि रोहन के परिवार को न्याय तभी मिल सकेगा, जब पुलिस हत्या में शामिल सभी लोगों तक पहुंचेगी।
24 सितंबर को जंगल में मिला था रोहन का शव
रोहन राठी का शव 24 सितंबर को हरेटी गांव के जंगल में मिला था। रोहन गांव के प्रधान विवेक राठी का बेटा था। वह 23 सितंबर की शाम जन्मदिन की पार्टी में जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन शव मिलने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आई थी।
पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ में किया था गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार करते हुए हत्याकांड का खुलासा किया था। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद भी परिवार और ग्रामीणों ने इस खुलासे पर सवाल उठाए। परिजनों की मांग पर मामले की जांच के लिए पुलिस ने छह सदस्यीय एसआईटी गठित की है।
एसआईटी को घटनाक्रम के अलग-अलग पहलुओं के साथ सीसीटीवी फुटेज, रोहन की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि वे मामले में किसी तरह की खानापूर्ति नहीं चाहते। युवाओं और क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने लाने और घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
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