जनगणना की तारीख आगे करने पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, जयराम रमेश ने उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- जनगणना 2027 की आबादी गणना का कार्यक्रम बदला गया है।
- यूपी, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में 1 दिसंबर से गणना शुरू होगी।
- इन राज्यों में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं।
नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले राज्यों में जनगणना के तहत आबादी की गणना का काम पहले कराए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने इस फैसले को “खराब योजना” बताते हुए इसके पीछे कुछ नापाक राजनीतिक गणनाएं होने की आशंका जताई।
भारत के महापंजीयक कार्यालय ने शनिवार को जानकारी दी कि जनगणना 2027 के लिए गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आबादी की गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच की जाएगी। इन राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, इन क्षेत्रों के नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 के बीच स्वयं गणना की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
जनगणना के समय में बदलाव पर जयराम रमेश की प्रतिक्रिया
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया, जो 2021 में होनी थी, के तहत फरवरी 2027 में होने वाली आबादी की गणना को उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में पहले कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
जयराम रमेश ने इसे बेहद खराब प्लानिंग बताया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में चुनाव होने की जानकारी पहले से थी, ऐसे में अचानक यह फैसला क्यों लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे कुछ कुटिल राजनीतिक हिसाब-किताब चल रहे हैं।
जयराम रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि जाति से जुड़ा 10वां सवाल जानबूझकर बेहद खराब तरीके से तैयार किया गया है और इससे जाति जनगणना की पूरी कवायद अर्थहीन हो जाएगी।
राहुल गांधी और खरगे के सुझावों को नजरअंदाज करने का आरोप
रमेश ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर 20 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। उनके मुताबिक, बीच में सुधार करने और बिहार तथा तेलंगाना की प्रश्नावली का मॉडल अपनाने के रचनात्मक सुझावों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
अधिसूचना के मुताबिक, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के बर्फ से ढके क्षेत्रों को छोड़कर बाकी हिस्सों में आबादी की गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी। इसके बाद 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन का काम किया जाएगा।
इन राज्यों के लिए जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे निर्धारित की गई है।
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