एआई का डर बढ़ाने वालों पर बरसे ट्रंप: बोले- चीन से आगे रहना ही होगा

HIGHLIGHTS
- ट्रंप ने कहा कि एआई के क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त बनाए रखना जरूरी है।
- उन्होंने एआई से जुड़े कुछ डर और चिंताओं को जरूरत से ज्यादा बढ़ाए जाने की बात कही।
- रूस की ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों से वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती ताकत और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। एआई उद्योग की रफ्तार कम करने और उस पर सख्त नियम लागू करने की मांग के बीच ट्रंप ने कहा कि कुछ ‘बहुत नकारात्मक ताकतें’ तकनीक को लेकर डर पैदा कर रही हैं। वहीं, रूस में तेल और ऊर्जा ठिकानों पर यूक्रेन के हमलों को लेकर उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से इन्हें रोकने को कहा है। दोनों ही मामलों में ट्रंप ने अमेरिकी हित और उसकी बढ़त को प्राथमिकता दी।
एआई पर ट्रंप ने चीन का क्यों लिया नाम?
ट्रंप से सवाल किया गया था कि क्या एआई उद्योग की गति को धीमा किया जाना चाहिए या इसके लिए और कड़े नियम बनाए जाने चाहिए। इस पर उन्होंने कहा कि अमेरिका एआई के क्षेत्र में चीन से आगे है और दुनिया का सबसे उन्नत देश है। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका की इस बढ़त को कायम रखना चाहते हैं, क्योंकि एआई में जो जीत हासिल करेगा, वही जीत हासिल करेगा।
ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि वह एआई को केवल एक नई तकनीक के तौर पर नहीं देखते, बल्कि इसे अमेरिका की वैश्विक बढ़त से भी जोड़कर देखते हैं।
क्या एआई पर सुरक्षा नियमों की संभावना को नकारते हैं ट्रंप?
ट्रंप ने एआई से जुड़े सुरक्षा उपायों की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार कुछ ‘गार्डरेल’ यानी सुरक्षा सीमाएं तय कर सकती है। हालांकि, उनका कहना था कि एआई को लेकर सामने लाई जा रही कुछ चिंताओं को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ नकारात्मक ताकतें ऐसी बातें उठा रही हैं, जिन्हें उठाया नहीं जाना चाहिए और जिनके होने की संभावना भी नहीं है। यानी ट्रंप एआई के विकास को रोकने के बजाय सुरक्षा उपायों के साथ इसे आगे बढ़ाने के पक्ष में नजर आए।
रूस के तेल ठिकानों पर हमलों को लेकर जेलेंस्की से क्या कहा?
ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से रूस में डीजल ईंधन को नुकसान पहुंचाने वाले हमले बंद करने को कहा है। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस की तेल रिफाइनरियों, ईंधन भंडारों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले बढ़ाए हैं।
इन हमलों का असर रूस में तेल उत्पादन और ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहा है। ट्रंप ने कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका की जेलेंस्की से बातचीत भी हुई है।
क्या यह संदेश युद्ध खत्म कराने की कोशिश का हिस्सा है?
अमेरिका रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए नए सिरे से प्रयास कर रहा है। ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने इस बयान से करीब एक सप्ताह पहले मास्को और कीव का दौरा किया था।
दोनों ने पहले रूसी अधिकारियों से मुलाकात की और इसके बाद कीव में जेलेंस्की से बातचीत की। वर्ष 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद यह दोनों की यूक्रेन की राजधानी की पहली यात्रा थी।
शांति प्रयासों से अलग ट्रंप के लिए और क्या मायने हैं?
- अगर रूस की रिफाइनरियों और तेल से जुड़ी संरचनाओं को नुकसान पहुंचता है तो वैश्विक बाजार में डीजल, पेट्रोल और कच्चे तेल की आपूर्ति कम हो सकती है। आपूर्ति घटने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इसका असर अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिससे आम लोगों की जेब और महंगाई प्रभावित होती है।
- अमेरिका को यह आशंका रहती है कि रूसी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के जवाब में रूस पश्चिमी देशों के इस्तेमाल वाले ट्रांजिट रूट या ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बना सकता है। इससे यूरोप और पश्चिमी सहयोगियों के सामने ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। वाशिंगटन इस बात को लेकर भी सतर्क रहता है कि संघर्ष बढ़कर नाटो और रूस के बीच सीधे टकराव का रूप न ले।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.