अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर बयान के बाद कांग्रेस का मोदी सरकार पर तंज

अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के बयान के बाद देश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। शुक्रवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिल्मी अंदाज में कटाक्ष करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े किए।
खर्गे का आरोप—विदेश नीति से भटक रही सरकार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत द्वारा रूसी तेल खरीदे जाने पर टिप्पणी कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। खर्गे ने कहा कि विदेश नीति में राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए, लेकिन मौजूदा सरकार ने भारत की गुटनिरपेक्षता और रणनीतिक स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सरकार की विदेश नीति को अस्थिर बताते हुए कहा कि इसका असर देश की जनता पर पड़ रहा है।
जयराम रमेश का फिल्मी तंज
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने लटनिक के बयान का वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री पर व्यंग्य किया। उन्होंने पुराने हिंदी फिल्मी गीतों के बोलों का सहारा लेते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि पहले जो करीबी नजर आती थी, वह अब नजर नहीं आ रही। उनका यह कटाक्ष 1960 के दशक की चर्चित फिल्मों के गीतों से प्रेरित था।
लटनिक ने क्यों नहीं बनी ट्रेड डील, यह बताया
इससे पहले गुरुवार को ‘ऑल-इन पॉडकास्ट’ को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अब तक क्यों नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप व्यापार समझौतों को प्राथमिकता के आधार पर करते हैं और जो देश पहले पहल करता है, उसे पहले मौका मिलता है।
फोन कॉल न होने से अटकी बात
लटनिक के अनुसार, भारत को अंतिम रूप देने के लिए तीन शुक्रवार का समय दिया गया था और सभी तैयारियां पूरी थीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ व्यापार समझौतों की घोषणा कर दी।
लटनिक ने यह भी कहा कि अमेरिका को उम्मीद थी कि भारत के साथ समझौता जल्दी हो जाएगा, लेकिन बाद में संपर्क करने पर भारत को बताया गया कि वह अब प्राथमिकता सूची में पीछे चला गया है।
रूसी तेल खरीद पर भी नाराज़गी
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर नाराजगी जताई है और भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी भी दी है। दोनों देशों के बीच अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है, जिसमें अमेरिका में भारतीय सामानों पर प्रस्तावित 50 प्रतिशत शुल्क को हटाने के लिए एक ढांचा समझौता शामिल है।
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