धूलकोट हादसे में अदालत का सख्त रुख, हरदीप सिंह समेत तीन की अग्रिम जमानत खारिज

HIGHLIGHTS
- अदालत ने गंभीर अपराधों में अग्रिम जमानत को अधिकार के तौर पर नहीं माना।
- हादसा 27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे हुआ था।
- निर्माणाधीन इमारत गिरने से सात मजदूरों की मौत हुई थी।
अंबाला। धूलकोट गांव में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से सात मजदूरों की मौत के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अंबाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने नामजद आरोपी हरदीप सिंह जग्गी, सरबजोत सिंह और सिमरज्योत सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गंभीर अपराधों और मानव जीवन की कीमत पर हुए हादसों के मामलों में अग्रिम जमानत को अधिकार के तौर पर नहीं देखा जा सकता। अदालत के इस फैसले के बाद तीनों आरोपियों को अब कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
27 सितंबर को हुआ था दर्दनाक हादसा
मामले के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे धूलकोट गांव में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर ढह गई थी। हादसे के समय साइट पर मजदूर काम कर रहे थे। इमारत गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
बिना मंजूरी के निर्माण की बात सामने आई
विशेष जांच दल (एसआईटी) की अब तक की जांच में सामने आया है कि पूरी इमारत बिना किसी स्वीकृत नक्शे और अनुमति के अनधिकृत क्षेत्र में बनाई जा रही थी। नगर निगम अंबाला सिटी की रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई है कि निर्माण स्थल पूरी तरह अवैध क्षेत्र के दायरे में आता था।
जांच एजेंसियां अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से जुड़े पहलुओं पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। हादसे के बाद मृतक मजदूरों के परिवारों को मुआवजा और सहायता देने की प्रक्रिया भी जारी है।
तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज
अंबाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हितेश गर्ग की अदालत ने मामले में नामजद हरदीप सिंह जग्गी, सरबजोत सिंह और सिमरज्योत सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अब तीनों आरोपियों को मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
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